Crime News: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से सामने आया यह मामला बेहद चौंकाने वाला है। पुलिस के मुताबिक, एक युवक ने अपने दोस्त की पत्नी के साथ संबंध बनाए और कथित तौर पर उसका वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। बाद में इसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर महिला को ब्लैकमेल किया जाने लगा। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान महिला ने अपने पति को पूरी बात बताई। इसके बाद दोनों ने मिलकर युवक को रास्ते से हटाने की साजिश रची।यह मामला चिल्फी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
महाराष्ट्र में साथ रहने के दौरान बने संबंध
पुलिस के अनुसार, करीब तीन साल पहले अरुण पटेल (24), मुकेश पटेल (34) और मुकेश की पत्नी मजदूरी के सिलसिले में महाराष्ट्र गए थे। तीनों एक ही कमरे में रहते थे। इसी दौरान अरुण और महिला के बीच संबंध बनने की बात सामने आई।
आरोप है कि अरुण ने संबंधों के दौरान महिला के मोबाइल से वीडियो बना लिया। बाद में गांव लौटने के बाद वह कथित तौर पर इसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देने लगा। इससे महिला काफी परेशान थी।
दूध में नींद की दवा मिलाकर पिलाई
पुलिस के मुताबिक, महिला ने अपने पति को ब्लैकमेलिंग की जानकारी दी। दोनों ने पहले अरुण को समझाने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर धमकियां जारी रहीं। इसके बाद दोनों ने उसकी हत्या की योजना बनाई।
30 जुलाई की रात अरुण को घर बुलाया गया। आरोप है कि दूध में नींद की दवा मिलाकर उसे पिलाई गई। बेहोश होने के बाद पति-पत्नी ने गमछे से उसका गला घोंट दिया।
शव सड़क किनारे मिला
वारदात के बाद दंपती ने कथित तौर पर शव को रामचंद्र पटेल के घर के पास सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, युवक का मोबाइल और हत्या में इस्तेमाल किया गया गमछा मनियारी नदी में फेंक दिया गया था।
अगले दिन शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुकेश और उसकी पत्नी को हिरासत में लिया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार किया।
कोर्ट ने भेजा न्यायिक रिमांड पर
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 103, 238(ए) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। 17 अगस्त को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अब मामले में सामने आए सभी तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि निजी वीडियो का गलत इस्तेमाल और ब्लैकमेलिंग किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकती है।

