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बुधवार, अगस्त 19, 2026
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‘प्रधान का इस्तीफा असली कामयाबी नहीं’, तुषार गांधी ने CJP आंदोलन को लेकर कही बड़ी बात

The Real Success of the CJP Movement: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके ने बुधवार को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद दीपके ने दावा किया कि गांधी परिवार का उनके आंदोलन के साथ खड़ा होना उनके लिए गर्व की बात है।

दीपके ने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों को देशद्रोही, अराजकतावादी और हिंसक तक कहा गया। ऐसे में तुषार गांधी का समर्थन यह दिखाता है कि आंदोलन शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से आगे बढ़ा।

‘गांधीजी के रास्ते पर चला आंदोलन’

अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP आंदोलन ने महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरणा ली। उनका कहना था कि गांधीजी की विचारधारा आज भी देश के लिए महत्वपूर्ण है और उसे खत्म नहीं किया जा सकता।

दीपके ने तुषार गांधी के साथ हुई मुलाकात का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने गांधीजी के पड़पोते के प्रोत्साहन के लिए आभार जताया और कहा कि CJP आगे भी बापू के बताए रास्ते पर चलने की कोशिश करेगा।

 यह है असली कामयाबी

तुषार गांधी ने आंदोलन की सफलता को लेकर एक अहम बात कही। उनके मुताबिक तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं के आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि नहीं है।

उन्होंने कहा कि असली सफलता यह है कि सरकार को युवाओं के सवालों का जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ा। तुषार गांधी के अनुसार, पिछले कई वर्षों में सरकार ने जिस तरह से युवाओं के सवालों पर प्रतिक्रिया नहीं दी, उसके मुकाबले यह बदलाव ज्यादा महत्वपूर्ण है।

उन्होंने यह भी कहा कि वह अधिकारों की लड़ाई में हमेशा साथ खड़े रहते हैं, लेकिन मौजूदा लड़ाई Gen Z की है और वह इसमें एक समर्थक की भूमिका निभा सकते हैं।

Gen Alpha भी पूछ रही है सवाल

तुषार गांधी ने कहा कि आंदोलन का असर केवल Gen Z तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक अब Generation Alpha भी अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर सवाल पूछने लगी है।

उन्होंने इसे CJP आंदोलन का महत्वपूर्ण परिणाम बताया। उनका कहना था कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल पूछना बेहद जरूरी है और युवाओं का अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाना सकारात्मक संकेत है।

किरेन रिजिजू के बयान पर भी प्रतिक्रिया

तुषार गांधी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने NEET पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान किसी की जान नहीं जाने की बात कही थी।

तुषार गांधी ने आरोप लगाया कि अगर आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को पूरी तरह शांतिपूर्ण बताया जा रहा है, तो यह सही नहीं है। उन्होंने युवाओं के धैर्य की तारीफ करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठाना जरूरी है।

CJP आंदोलन को लेकर अब बहस सिर्फ इस्तीफे तक सीमित नहीं दिख रही है। तुषार गांधी के बयान ने इसे युवाओं के अधिकार, सरकार की जवाबदेही और सवाल पूछने की लोकतांत्रिक संस्कृति से जोड़ दिया है।

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