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बुधवार, अगस्त 19, 2026
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‘9 से 5’ नौकरी का असली मतलब क्या? UK में रहने वाली भारतीय महिला ने भारत का बताया अलग सच

UK vs India Work Life Balance: सोशल मीडिया पर इन दिनों भारतीय महिला अनुष्का व्यास का एक वीडियो चर्चा में है। UK में रहने वाली अनुष्का ने इस वीडियो में भारत और UK की 9 से 5 नौकरी के बीच के अंतर को अपने अनुभव के जरिए समझाया है। उनका कहना है कि नौकरी के आधिकारिक घंटे दोनों जगह एक जैसे नजर आ सकते हैं, लेकिन ऑफिस के बाद मिलने वाला समय काफी अलग हो सकता है।

वीडियो में अनुष्का अपने घर के पास एक पार्क में शाम का समय बिताती दिखाई देती हैं। वह बताती हैं कि UK में काम खत्म होने के बाद लोग अपनी निजी जिंदगी के लिए समय निकाल सकते हैं। कोई परिवार के साथ समय बिताता है, कोई पार्क में घूमने जाता है, एक्सरसाइज करता है या फिर घर पर आराम करता है।

भारत में 9 से 5 के बाद भी दिन खत्म नहीं होता

अनुष्का के मुताबिक, भारत में कई कर्मचारियों के लिए 9 से 5 की नौकरी वास्तव में 9 से 5 तक सीमित नहीं रहती। ऑफिस पहुंचने और वापस घर आने में लगने वाला लंबा सफर, ट्रैफिक और अतिरिक्त काम दिन को काफी लंबा बना देते हैं।

कई बार ऑफिस की शिफ्ट खत्म होने के बाद भी बॉस की ओर से अचानक कोई काम मिल जाता है। वहीं, घर लौटते समय ट्रैफिक में घंटों फंसने से बचा हुआ समय भी खत्म हो जाता है। ऐसे में घर पहुंचते-पहुंचते व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से काफी थका हुआ महसूस कर सकता है।

वीकेंड का इंतजार क्यों रहता है?

अनुष्का ने बताया कि काम के इस दबाव के कारण कई लोगों के लिए शनिवार और रविवार का इंतजार खास हो जाता है। पूरे सप्ताह की थकान के बाद वीकेंड आराम करने में निकल जाता है। ऐसे में परिवार, दोस्तों, फिटनेस और अपनी पसंद के कामों के लिए पर्याप्त समय निकालना मुश्किल हो सकता है।

हालांकि, यह तुलना हर व्यक्ति या हर नौकरी पर लागू नहीं होती। भारत में भी कई कंपनियां बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस पर ध्यान दे रही हैं और UK में भी काम का दबाव अलग-अलग क्षेत्रों में हो सकता है।

विदेश जाने की वजह सिर्फ पैसा नहीं

अनुष्का का कहना है कि बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस भी उन कारणों में शामिल है, जिनकी वजह से कुछ भारतीय विदेश में रहने का फैसला करते हैं। उनके मुताबिक, विदेश में जाने का मतलब केवल ज्यादा कमाई या बेहतर करियर नहीं है। रोजमर्रा की जिंदगी में काम के साथ खुद और परिवार के लिए समय मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

अनुष्का का वीडियो इसी सवाल को सामने रखता है कि क्या अच्छी नौकरी का मतलब सिर्फ अच्छी सैलरी है, या फिर नौकरी के बाद मिलने वाला निजी समय भी उतना ही जरूरी है? सोशल मीडिया पर इसी वजह से उनके विचारों को लेकर लोगों के बीच चर्चा हो रही है।

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