Gold Price Crash: अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। लगातार चौथे दिन सोने के दाम नीचे आए हैं, जिससे ग्राहकों को कम कीमत पर खरीदारी करने का मौका मिल रहा है।
सोने की कीमत में आई भारी गिरावट
राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत में 2,840 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद सोने का भाव घटकर 1,50,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गया है। इससे पहले सोना 1,53,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था।विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और निवेशकों की बदलती रणनीति के कारण सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है।
चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की कीमतों में भी बड़ी कमी दर्ज की गई है। चांदी का भाव 8,040 रुपये प्रति किलोग्राम टूटकर 2,40,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। यह पिछले दो महीने से अधिक समय का निचला स्तर माना जा रहा है।इससे पहले चांदी की कीमत 2,48,740 रुपये प्रति किलोग्राम थी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और डॉलर की मजबूती कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं।
डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबाव
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं। इसी संभावना के चलते निवेशकों का रुझान डॉलर की तरफ बढ़ा है, जिससे सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं में बिकवाली देखने को मिली है।विश्लेषकों के मुताबिक, डॉलर इंडेक्स एक साल के उच्च स्तर के करीब पहुंच चुका है, जिसका सीधा असर गोल्ड मार्केट पर दिखाई दे रहा है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-ईरान शांति समझौते से जुड़ी अनिश्चितताओं ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए अच्छा मौका हो सकती है जो शादी, निवेश या भविष्य की जरूरतों के लिए सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं। हालांकि निवेश से पहले बाजार की स्थिति और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखना जरूरी है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर सोने की कीमत में करीब 1.44 प्रतिशत और चांदी में 1.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे घरेलू बाजार के भावों पर भी असर पड़ा।

