Uttrakhand News: उत्तराखंड में रविवार को मौसम अचानक बिगड़ गया, जिससे पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक जनजीवन प्रभावित हुआ। तेज बारिश, आंधी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना को देखते हुए चारधाम यात्रा को रोक दिया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार कई जिलों में आपदा जैसे हालात बने हुए हैं और प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
केदारनाथ में तीन श्रद्धालुओं की मौत
रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ धाम में एक ही दिन में तीन श्रद्धालुओं की मौत से दुख का माहौल है। सभी श्रद्धालु अलग-अलग राज्यों से आए थे और यात्रा के दौरान या बाद में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें फाटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मौसम और ऊंचाई की वजह से स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
हजारों श्रद्धालु पहुंचे, लेकिन यात्रा पर रोक
इस सीजन में अब तक 26 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। केवल केदारनाथ में ही 10 लाख से अधिक लोग पहुंचे हैं। लेकिन मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों की आगे की यात्रा रोक दी है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है।
अन्य जिलों में भी हादसे और खोज अभियान
उत्तरकाशी, बागेश्वर और चंपावत में ट्रेकिंग के दौरान कई लोग लापता हो गए हैं। SDRF और पुलिस की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। वहीं कुछ जगहों पर सड़क हादसे और भूस्खलन जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं, जिनमें लोगों की जान गई है।
सड़क हादसों और आपदाओं में बढ़ा नुकसान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक सड़क हादसों में 125 लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं में भी कई जानें गई हैं, जिससे स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
मौसम विभाग का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक हालात सामान्य नहीं होंगे। तेज बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा। 5 जून तक पहाड़ी इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है। तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें। खासकर नदी-नालों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है।

