UP News: गोरखपुर के राजेंद्र नगर स्थित वसंत इनक्लेव अपार्टमेंट में डॉ. परमात्मा ने गुरुवार सुबह आठवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। घटना के बाद पुलिस को उनकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें गरिमा सिंह को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को जांच का अहम आधार बनाया है।
परिवार ने लगाया 1.40 करोड़ की जालसाजी का आरोप
डॉक्टर की पत्नी का आरोप है कि गरिमा सिंह ने लोन माफ कराने का भरोसा देकर उनके पति से अलग-अलग बैंकों से लोन करवाया। इसके बाद खुद ईएमआई भरने की बात कहते हुए लोन की रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली। परिवार के मुताबिक इस तरह करीब 1.40 करोड़ रुपये की रकम हड़प ली गई।
ईएमआई जमा नहीं होने पर बैंकों की ओर से लगातार दबाव बढ़ने लगा। परिजनों का कहना है कि लोन की किस्त डॉक्टर की मासिक आय से भी कई गुना अधिक हो गई थी। आर्थिक दबाव और कथित जालसाजी से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
गरिमा के खिलाफ कई शिकायतों की जांच
पुलिस के मुताबिक गरिमा सिंह और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ गोरखपुर के अलावा अन्य जिलों में भी शिकायतें सामने आ रही हैं। कुशीनगर समेत कुछ जिलों में तहरीर दिए जाने की बात सामने आई है।
गरिमा और उसके कथित सहयोगियों के खिलाफ एम्स और सहजनवां थाने में पहले ही चार मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा छह नए प्रार्थना पत्र भी पुलिस को मिले हैं। एसएसपी ने इनकी जांच के निर्देश दिए हैं।
बैंक खातों और लेनदेन की जांच
पुलिस अब लोन से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों, पैसों के लेनदेन और डॉक्टर व आरोपितों के बीच संपर्क की जानकारी जुटा रही है। साथ ही सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

