Ludhiana के सिविल अस्पताल में एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां ड्यूटी शिफ्ट में बदलाव से परेशान एक क्लास-4 कर्मचारी ने कथित तौर पर नशीली गोलियां खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारी को तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार, कर्मचारी की पहचान संतोष के रूप में हुई है, जो पिछले 12 वर्षों से अस्पताल के मेडिसिन विभाग में कार्यरत था। परिवार का आरोप है कि हाल ही में उसकी ड्यूटी में अचानक बदलाव किया गया था, जिससे वह मानसिक तनाव में चल रहा था।
ड्यूटी बदलाव के बाद बढ़ा तनाव
परिवार के सदस्यों के मुताबिक संतोष अपने काम को लेकर बेहद ईमानदार और समर्पित कर्मचारी था। लंबे समय से एक ही विभाग में कार्य करने के बाद जब उसकी ड्यूटी बदली गई, तो वह काफी परेशान रहने लगा।
परिजनों का कहना है कि संतोष लगातार मानसिक दबाव में था और इस बदलाव को लेकर चिंता जाहिर कर रहा था। उनका मानना है कि यदि अधिकारियों ने उसकी समस्या को गंभीरता से लेकर बातचीत की होती, तो शायद यह स्थिति पैदा नहीं होती।
ड्यूटी के दौरान उठाया कदम
बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन संतोष रोज की तरह अस्पताल पहुंचा था। सुबह करीब 11:30 बजे परिवार को सूचना मिली कि उसने ड्यूटी के दौरान जहरीली या नशीली गोलियां खा ली हैं, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने तुरंत उसका इलाज शुरू किया और फिलहाल उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
परिवार में चिंता का माहौल
संतोष अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहता है। इस घटना के बाद परिवार सदमे में है। अस्पताल प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्यूटी में बदलाव किन परिस्थितियों में किया गया था।
मानसिक तनाव पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने कार्यस्थल पर कर्मचारियों के मानसिक तनाव और प्रशासनिक फैसलों के प्रभाव को लेकर फिर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों की समस्याओं को समय रहते सुनना और संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

