Brij Bhushan Singh: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी के नेता और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने सह-आरोपी और महासंघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर को भी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह मामला छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा था।
फैसले के बाद क्या बोले बृज भूषण?
अदालत के फैसले के बाद बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें शुरू से न्याय व्यवस्था पर भरोसा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी स्वयं को दोषी नहीं माना और न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जूनियर खिलाड़ियों के हितों के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
पहलवानों की ओर से निराशा
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि वे अदालत के विस्तृत आदेश का अध्ययन करेंगे और उसके बाद आगे की कानूनी रणनीति तय करेंगे। वहीं, पहलवान विनेश फोगाट की वकील रेबेका जॉन ने फैसले को निराशाजनक बताते हुए कहा कि शिकायतकर्ता महिला पहलवानों ने अदालत में लगातार अपने बयान पर कायम रहते हुए गवाही दी थी।
2023 में शुरू हुआ था विवाद
यह मामला अप्रैल 2023 में दर्ज एफआईआर के बाद चर्चा में आया था। साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया सहित कई पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक प्रदर्शन कर बृज भूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग की थी। मई 2024 में अदालत ने पांच महिला पहलवानों की शिकायतों के आधार पर उनके खिलाफ आरोप तय किए थे, जबकि एक शिकायत में उन्हें पहले ही आरोपमुक्त कर दिया गया था।

