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गुरूवार, अगस्त 20, 2026
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रोहिणी में ‘स्पेशल 26’ जैसा फर्जी CBI रेड का ड्रामा,महिला की एक चाल से खुल गया पूरा खेल

Delhi News: दिल्ली के रोहिणी इलाके में एक कारोबारी के घर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कई गाड़ियों का काफिला अचानक बाहर आकर रुका। करीब 8 से 10 लोग गाड़ियों से उतरे। उनके कपड़ों पर CBI का लोगो था और गले में आईडी कार्ड लटक रहे थे। पूरा अंदाज ऐसा था, जैसे कोई बड़ी जांच टीम छापेमारी के लिए पहुंची हो।

घर की घंटी बजने पर कारोबारी की पत्नी दरवाजे पर आईं। सामने खड़े लोगों ने खुद को CBI अधिकारी बताया और तुरंत घर का गेट खोलने को कहा। लेकिन महिला ने बिना जांच-पड़ताल के भरोसा करने से साफ इनकार कर दिया।

महिला ने मांगे असली दस्तावेज

महिला ने संदिग्ध लोगों से पहचान पत्र और अधिकृत कागजात दिखाने को कहा। आरोप है कि इसके बाद कथित फर्जी अधिकारियों ने परिवार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्हें कानूनी कार्रवाई और परेशानी में फंसाने की धमकी भी दी गई।

मगर महिला अपनी बात पर कायम रहीं। उन्होंने साफ कर दिया कि सही दस्तावेज देखे बिना दरवाजा नहीं खोला जाएगा। यही सावधानी आगे चलकर पूरे फर्जीवाड़े को उजागर करने में अहम साबित हुई।

WhatsApp पर भेजा फर्जी नोटिस

मामले को असली दिखाने के लिए कथित गिरोह ने डिजिटल तरीका भी अपनाया। कारोबारी के पिता के WhatsApp पर एक नोटिस भेजा गया, जिस पर CBI डायरेक्टर का नाम और कथित हस्ताक्षर मौजूद थे।

इसके बाद उस संदेश को ‘Delete for Everyone’ कर दिया गया। हालांकि, तब तक महिला ने उसका स्क्रीनशॉट ले लिया था। इस तरह कथित फर्जी नोटिस का डिजिटल सबूत परिवार के पास सुरक्षित रह गया।

डेढ़ घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा

बताया गया कि पूरा घटनाक्रम करीब 90 मिनट तक चलता रहा। इस दौरान आसपास के लोग भी धीरे-धीरे मौके पर जुटने लगे। पड़ोसियों ने संदिग्धों से सर्च वारंट और जरूरी कागजात की हार्ड कॉपी दिखाने को कहा।

भीड़ बढ़ती देख कथित फर्जी अधिकारी असहज हो गए। उन्होंने कहा कि असली दस्तावेज उनकी कार में रखे हैं और उन्हें लाने के लिए जा रहे हैं। इसके बाद वे मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने शुरू की जांच

संदिग्धों के भागने के बाद परिवार ने तुरंत 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

पीड़ित परिवार ने पुलिस को CCTV फुटेज और कथित फर्जी नोटिस का स्क्रीनशॉट भी सौंपा है। फुटेज में संदिग्ध लोगों, उनकी गाड़ियों और CBI जैसे दिखने वाले लोगो वाले कपड़ों की तस्वीरें रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है।

यह घटना एक बार फिर बताती है कि किसी भी सरकारी एजेंसी के नाम पर घर पहुंचने वाले लोगों पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। पहचान, वारंट और आधिकारिक दस्तावेजों की पुष्टि करना बेहद जरूरी है। रोहिणी की इस घटना में महिला की सतर्कता ने न सिर्फ परिवार को संभावित ठगी से बचाया, बल्कि संदिग्धों के खिलाफ अहम सबूत जुटाने में भी मदद की।

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