Music Industry: साल 2026 की शुरुआत में दिग्गज सिंगर अरिजीत सिंह ने अपने फैंस को उस वक्त चौंका दिया था, जब उन्होंने प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बनाने का ऐलान किया। उनके इस फैसले ने लाखों फैंस को निराश कर दिया था। हालांकि, उस समय अरिजीत ने इस फैसले के पीछे कोई विस्तृत वजह सार्वजनिक नहीं की थी।
अब सिंगर और म्यूजिक डायरेक्टर अमाल मलिक ने अरिजीत के इस फैसले को लेकर अपनी राय साझा की है।
‘किसी ने उन पर दबाव नहीं डाला’
पिंकविला को दिए एक इंटरव्यू में अमाल मलिक ने कहा कि अरिजीत सिंह पर किसी तरह का दबाव नहीं था। यह पूरी तरह उनका अपना फैसला था। अमाल के मुताबिक, जो लोग अरिजीत के साथ लंबे समय से काम कर रहे थे, उन्हें करीब एक-दो साल पहले ही महसूस होने लगा था कि अरिजीत की फिल्मों के संगीत में पहले जैसी दिलचस्पी नहीं रही।
अमाल ने यह भी कहा कि किसी बड़े कलाकार के लिए अपने प्रोजेक्ट चुनने की आजादी होना स्वाभाविक है और अरिजीत ने भी अपने करियर को लेकर यही फैसला लिया।
सिर्फ अरिजीत की आवाज काफी नहीं- अमाल
अमाल मलिक ने कहा कि इंडस्ट्री में अक्सर यह सोच होती है कि अगर किसी गाने में अरिजीत सिंह की आवाज है तो वह गाना हिट हो जाएगा। हालांकि, उनके अनुसार सिर्फ बड़ा नाम होना पर्याप्त नहीं है। गाने की क्वालिटी और उसकी मौलिकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कई बार निर्माता या म्यूजिक मेकर्स किसी बड़े कलाकार की लोकप्रियता का फायदा उठाकर दर्शकों का ध्यान खींचना चाहते हैं, लेकिन खुद अरिजीत भी इस बात को महत्व देते हैं कि गाना अपने दम पर कितना अच्छा है।
अरिजीत के गानों के दीवाने हैं फैंस
अरिजीत सिंह ने अपने करियर में ‘तुम ही हो’, ‘ऐ दिल है मुश्किल’, ‘केसरिया’, ‘अपना बना ले’, ‘अगर तुम साथ हो’, ‘सजनी’ और ‘फिर और क्या चाहिए’ जैसे कई लोकप्रिय गानों से अपनी अलग पहचान बनाई है।
वहीं अमाल मलिक भी ‘सोच ना सके’, ‘सब तेरा’, ‘कौन तुझे’, ‘सूरज डूबा है यारों’ और ‘मैं रहूं या ना रहूं’ जैसे गानों के लिए जाने जाते हैं।

