Bollywood News: भारतीय संगीत जगत की मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक ने अपनी मधुर आवाज से करोड़ों लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है। हाल ही में उन्हें पद्म सम्मान मिलने के बाद एक बार फिर उनकी निजी जिंदगी चर्चा में है। फैंस अब उनके परिवार के बारे में जानना चाहते हैं। खासकर उनकी बेटी सायशा कपूर, जिन्होंने ग्लैमर इंडस्ट्री की बजाय बिजनेस की दुनिया में अपना नाम बनाया है।
पति ने चुनी बिजनेस की राह
अलका याग्निक ने साल 1989 में शिलॉन्ग के बिजनेसमैन नीरज कपूर से शादी की थी। नीरज का फिल्म या म्यूजिक इंडस्ट्री से कोई संबंध नहीं रहा। शादी के बाद उन्होंने मुंबई में कारोबार शुरू करने की कोशिश की, लेकिन बाद में शिलॉन्ग लौटकर अपना बिजनेस संभाल लिया। वहीं अलका मुंबई में रहकर अपने सिंगिंग करियर पर फोकस करती रहीं। अलग-अलग शहरों में रहने के बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते को मजबूती से निभाया।
सायशा कपूर ने बनाई अलग पहचान
अलका और नीरज की बेटी सायशा कपूर ने अपनी मां की तरह सिंगिंग नहीं चुनी। उन्होंने हॉस्पिटैलिटी मार्केटिंग में एमबीए किया और रेस्टोरेंट मैनेजमेंट व सेल्स के क्षेत्र में काम किया। सायशा कई बिजनेस प्रोजेक्ट्स से जुड़ी रही हैं और अपनी प्रोफेशनल पहचान बनाने में सफल रही हैं।
जानकारी के अनुसार, वह Raincheck Earth से जुड़ी रही हैं, जो चेरापूंजी क्राफ्ट जिन ब्रांड से संबंधित है। इसके अलावा उन्हें मुंबई के चर्चित Boveda Bistro की को-ओनर भी बताया जाता है। साल 2018 में उन्होंने बिजनेसमैन अमित देसाई से शादी की थी।
खूबसूरती की भी होती है चर्चा
सायशा कपूर सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव नहीं रहतीं, लेकिन जब भी उनकी तस्वीरें सामने आती हैं, लोग उनकी खूबसूरती की खूब तारीफ करते हैं। कई फैंस का मानना है कि अगर वह फिल्मों में आतीं तो आसानी से अभिनेत्री बन सकती थीं। हालांकि उन्होंने हमेशा बिजनेस को ही अपना करियर बनाया।
भाई ने भी की सिंगिंग, लेकिन नहीं मिली वैसी सफलता
अलका याग्निक के भाई समीर याग्निक भी सिंगर हैं। उन्होंने अलका के साथ कुछ गाने गाए, जिनमें “दिल था यहां अभी अभी” को पसंद किया गया था। हालांकि उन्हें अपनी बहन जैसी लोकप्रियता और सफलता नहीं मिल सकी।
आज भी अलका याग्निक भारतीय संगीत की सबसे सम्मानित आवाजों में गिनी जाती हैं, जबकि उनकी बेटी सायशा कपूर अपने दम पर बिजनेस की दुनिया में लगातार आगे बढ़ रही हैं। मां और बेटी दोनों ने अपने-अपने क्षेत्र में अलग पहचान बनाकर यह साबित किया है कि सफलता मेहनत और प्रतिभा से मिलती है।

