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शनिवार, अगस्त 1, 2026
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57 साल बाद भी रक्षाबंधन की शान है लता मंगेशकर का यह अमर गीत, सुनते ही भर आती हैं आंखें

Bollywood News: रक्षाबंधन का त्योहार आते ही कुछ पुराने गीत अपने आप लोगों की यादों में लौट आते हैं। इन्हीं में से एक है साल 1969 में रिलीज हुई फिल्म ‘अंजाना’ का मशहूर गीत ‘हम बहनों के लिए मेरे भैया’। लता मंगेशकर की मधुर और भावुक आवाज में सजा यह गीत आज भी भाई-बहन के रिश्ते की सबसे खूबसूरत मिसाल माना जाता है। 57 साल बीत जाने के बाद भी इसकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है।

लता मंगेशकर की आवाज ने बनाया यादगार

फिल्म अंजाना का निर्देशन मोहन कुमार ने किया था। इसमें राजेंद्र कुमार, बबिता, नाजिमा और प्रेम चोपड़ा मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। इस गीत के बोल मशहूर गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे, जबकि संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इसे अपने मधुर संगीत से सजाया। लता मंगेशकर की भावपूर्ण गायकी ने इस गाने को एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

भाई-बहन के रिश्ते की खूबसूरत झलक

‘हम बहनों के लिए मेरे भैया’ सिर्फ एक फिल्मी गीत नहीं है, बल्कि भाई-बहन के प्यार, सम्मान और अपनापन का खूबसूरत प्रतीक बन चुका है। इसके सरल शब्द और भावनात्मक प्रस्तुति हर उम्र के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यही वजह है कि यह गीत पीढ़ियों से लोगों की पसंद बना हुआ है।

हर रक्षाबंधन पर फिर हो जाता है वायरल

रक्षाबंधन के आसपास यह गीत रेडियो, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खूब सुनाई देता है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस गाने के साथ अपने भाई-बहन की यादें साझा करते हैं। पुराने संगीत के प्रशंसकों के साथ-साथ नई पीढ़ी भी इस गीत को पसंद कर रही है, जिससे इसकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।

आज भी बरकरार है गीत का जादू

फिल्म अंजाना अपने दौर की सफल फिल्मों में गिनी जाती है, लेकिन इसके सभी गीतों में ‘हम बहनों के लिए मेरे भैया’ ने सबसे खास पहचान बनाई। राजेंद्र कुमार और नाजिमा की भावनात्मक स्क्रीन प्रेजेंस के साथ लता मंगेशकर की दिल को छू लेने वाली आवाज ने इस गीत को अमर बना दिया। यही कारण है कि 57 साल बाद भी यह गाना केवल एक फिल्मी गीत नहीं, बल्कि रक्षाबंधन की भावनाओं और भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है।

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