Bollywood News: फिल्म ‘रामायण’ में यश रावण के किरदार में नजर आएंगे। अपने शानदार लुक और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के कारण वह पहले से ही चर्चा में हैं। वहीं, हिंदी वर्जन में उनके किरदार को आवाज शरद केलकर देंगे।
रावण का किरदार केवल एक खलनायक नहीं, बल्कि ज्ञान, शक्ति, अहंकार और महत्वाकांक्षा जैसे कई पहलुओं को समेटे हुए है। ऐसे किरदार को प्रभावशाली बनाने के लिए आवाज में गंभीरता और ठहराव होना जरूरी है। शरद केलकर की आवाज में ये खूबियां हैं। उनकी गहरी आवाज संवादों को खास वजन देती है।
यश का अभिनय और शरद की आवाज का तालमेल हिंदी दर्शकों के लिए रावण के किरदार को एक अलग अनुभव दे सकता है।
बाहुबली में प्रभास की आवाज बनकर हुए थे मशहूर
शरद केलकर का यह पहला मौका नहीं है, जब उन्होंने किसी साउथ सुपरस्टार के किरदार को हिंदी में आवाज दी हो। इससे पहले वह एसएस राजामौली की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बाहुबली’ में प्रभास की हिंदी आवाज बन चुके हैं।
फिल्म में प्रभास ने अमरेंद्र बाहुबली और महेंद्र बाहुबली का किरदार निभाया था। हिंदी दर्शकों के बीच बाहुबली की लोकप्रियता में शरद की दमदार आवाज का भी अहम योगदान रहा। उनके संवाद बोलने के अंदाज ने बाहुबली के किरदार को अलग पहचान दिलाई।
खासकर फिल्म के एक्शन और भावनात्मक दृश्यों में उनकी आवाज ने दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा था। इसके बाद शरद केलकर की आवाज देशभर में पहचानी जाने लगी।
टीवी से फिल्मों तक ऐसा रहा शरद केलकर का सफर
शरद केलकर ने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन से की थी। वह ‘सात फेरे: सलोनी का सफर’, ‘कुछ तो लोग कहेंगे’ और ‘एजेंट राघव’ जैसे धारावाहिकों में नजर आ चुके हैं।
इसके बाद उन्होंने फिल्मों में भी अपनी पहचान बनाई। ‘रामलीला’, ‘रॉकी हैंडसम’, ‘भूमि’, ‘तान्हाजी’ और ‘ऑपरेशन रोमियो’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। फिल्म ‘तान्हाजी’ में छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार में भी उन्हें काफी सराहना मिली।
अभिनय के साथ आवाज से भी बनाते हैं खास पहचान
शरद केलकर ने साबित किया है कि किसी फिल्म में सिर्फ चेहरा और अभिनय ही नहीं, बल्कि आवाज भी किरदार को यादगार बना सकती है। ‘बाहुबली’ में प्रभास और अब ‘रामायण’ में यश के साथ उनका जुड़ाव इसी बात का उदाहरण है। अब दर्शकों को इंतजार है कि उनकी दमदार आवाज रावण के किरदार को हिंदी में कितना प्रभावशाली बनाती है।

