Bollywood news:अभिनेत्री स्वरा भास्कर का 2019 के अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दिया पुराना बयान एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में ‘द मिडनाइट आवर’ पॉडकास्ट में स्वरा ने उस दौर की अपनी प्रतिक्रिया के बारे में बात की। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर बहस शुरू हो गई। अब अभिनेता पुनीत इस्सर ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
स्वरा भास्कर ने क्या कहा था?
स्वरा भास्कर ने पॉडकास्ट में बताया कि नवंबर 2019 में अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद वह काफी परेशान थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस फैसले से निराशा हुई थी और उन्होंने अपने फोन में मौजूद कई मुस्लिम दोस्तों और परिचितों को संदेश भेजे थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वरा ने आमिर खान, शाहरुख खान और सलमान खान समेत कुछ लोगों का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने खुद को हिंदू बताते हुए इस फैसले को लेकर अपनी असहमति और माफी की भावना व्यक्त की थी। उनके इस पुराने बयान के दोबारा सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
पुनीत इस्सर ने क्या कहा?
स्वरा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पुनीत इस्सर ने कलाकारों को सामाजिक और राजनीतिक विवादों में शामिल होने से बचने की सलाह दी। IANS से बातचीत में उन्होंने कहा कि कलाकारों को लोगों की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए और उनका मुख्य काम मनोरंजन करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी कलाकार की रुचि राजनीति या सामाजिक कार्य में है, तो उसे उस क्षेत्र में सक्रिय होना चाहिए। पुनीत इस्सर ने आगे यह टिप्पणी भी की कि केवल सुर्खियों में आने या किसी के समर्थन और फंडिंग के कारण चौंकाने वाले बयान नहीं देने चाहिए। यह उनकी व्यक्तिगत राय है, जिसे उन्होंने स्वरा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रखा।
क्या था 2019 का अयोध्या फैसला?
9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने अयोध्या भूमि विवाद पर सर्वसम्मति से फैसला सुनाया था। कोर्ट ने विवादित जमीन राम मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट को देने का निर्देश दिया था। साथ ही सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को अयोध्या में मस्जिद के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का आदेश दिया गया था।
फिर क्यों चर्चा में आया मामला?
स्वरा के पॉडकास्ट इंटरव्यू के बाद 2019 की उनकी प्रतिक्रिया फिर से सोशल मीडिया पर वायरल हुई। कुछ लोगों ने उनके बयान की आलोचना की, जबकि पूरा विवाद उनके व्यक्तिगत विचार और सार्वजनिक हस्तियों की सार्वजनिक टिप्पणियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा में है। इसी बीच पुनीत इस्सर की टिप्पणी ने इस बहस को और सुर्खियों में ला दिया है।

