बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह एक बार फिर अपनी पुश्तैनी संपत्ति को लेकर विवादों में हैं। इस बार मामला किसी फिल्म या निजी जीवन से नहीं, बल्कि उनकी पैतृक जमीन और ऐतिहासिक हवेली पर कथित अवैध कब्जे से जुड़ा है। अभिनेता ने 27 जून को जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारियों को सौंपा प्रार्थना पत्र
चंद्रचूड़ सिंह ने कलेक्ट्रेट और एसएसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पैतृक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और उस पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। अभिनेता का कहना है कि यह विवाद लंबे समय से चल रहा है और अब प्रशासन के हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
चाची पर लगाए गंभीर आरोप
मीडिया से बातचीत के दौरान चंद्रचूड़ सिंह ने अपनी चाची पर फर्जी वसीयत तैयार कर उनकी पुश्तैनी जमीन और ऐतिहासिक हवेली पर कब्जा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि संपत्ति पर पहले से ही कब्जा कर लिया गया है और उन्हें वहां प्रवेश तक नहीं करने दिया जा रहा। अभिनेता ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय लोगों और प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका भी हो सकती है।
पहले भी जता चुके हैं संपत्ति बेचने की आशंका
यह पहला मौका नहीं है जब चंद्रचूड़ सिंह ने इस मामले को लेकर शिकायत की हो। इससे पहले भी उन्होंने आशंका जताई थी कि उनकी पुश्तैनी हवेली को उनकी जानकारी के बिना बेचा जा सकता है। उन्होंने कहा था कि वह अपनी पारिवारिक विरासत को बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और उन्हें प्रशासन से न्याय की उम्मीद है।
‘कल्याण भवन’ को लेकर चल रहा विवाद
जानकारी के अनुसार, विवाद ‘कल्याण भवन’ नामक ऐतिहासिक हवेली को लेकर है, जो लगभग छह एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। इस हवेली का निर्माण वर्ष 1885 में कराया गया था और इसका ऐतिहासिक महत्व भी बताया जाता है। अभिनेता का कहना है कि इस विरासत को सुरक्षित रखना उनके परिवार की जिम्मेदारी है।
फिलहाल प्रशासन ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संपत्ति विवाद में किस पक्ष के दावे सही हैं और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

