Manoj Bajpayee: आज हिंदी सिनेमा के सबसे सशक्त अभिनेताओं में से एक मनोज बाजपेयी अपना जन्मदिन मना रहे हैं। अपनी आँखों की तीव्रता और संवाद अदायगी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले मनोज आज जिस मुकाम पर हैं, वहाँ तक पहुँचने का रास्ता कांटों भरा था। आज उनके जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं, कैसे बिहार के एक छोटे से गाँव का लड़का मुंबई की चॉल से निकलकर लग्जरी लाइफस्टाइल का मालिक बना।
रिजेक्शन से ‘सुपरस्टारडम’ तक का सफर
मनोज बाजपेयी का जन्म बिहार के बेलवा में हुआ था। बचपन से ही अभिनेता बनने का जुनून उन्हें दिल्ली और फिर मुंबई ले आया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि:
* चॉल के वो दिन: मुंबई में संघर्ष के शुरुआती सालों में मनोज के पास रहने को अपना घर नहीं था। उन्होंने एक छोटी सी तंग चॉल में कई रातें गुजारीं।
* NSD का रिजेक्शन: जिस संस्थान (नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा) में आज उनकी मिसाल दी जाती है, उसने उन्हें चार बार रिजेक्ट किया था। उस वक्त मनोज इतने टूट गए थे कि उनके मन में जान देने तक के विचार आए थे, लेकिन उनकी किस्मत में इतिहास लिखना लिखा था।
अब करोड़ों की संपत्ति के हैं मालिक
आज मनोज बाजपेयी किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने न केवल शोहरत कमाई, बल्कि एक आलीशान साम्राज्य भी खड़ा किया:
* नेटवर्थ: फिल्म ‘सत्या’ से पहचान बनाने वाले मनोज आज 100 करोड़ रुपये से अधिक की कुल संपत्ति के मालिक हैं। एक समय ₹20 के लिए तरसने वाले मनोज आज एक फिल्म या वेब सीरीज के लिए करोड़ों की फीस लेते हैं।
* लग्जरी गाड़ियों का कलेक्शन: मनोज को महंगी गाड़ियों का काफी शौक है। उनके गैरेज में Land Rover Defender (कीमत लगभग ₹1.2 करोड़), Mercedes-Benz GLS और BMW 5-Series जैसी धाकड़ गाड़ियां खड़ी हैं।
* आलीशान घर: मुंबई के पॉश इलाके अंधेरी में उनका अपना एक भव्य और शानदार अपार्टमेंट है।
OTT के ‘बादशाह’ और सादगी के प्रतीक
‘द फैमिली मैन’ के श्रीकांत तिवारी बनकर उन्होंने OTT की दुनिया में जो तहलका मचाया, उसने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। इतनी दौलत और शोहरत के बाद भी मनोज आज अपनी जड़ों से जुड़े हैं। वे अक्सर अपने जन्मदिन पर ताम-झाम के बजाय सादगी से रहना पसंद करते हैं।

