Entertainment News: हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर की निजी जिंदगी हमेशा से लोगों की दिलचस्पी का विषय रही है। उन्होंने मशहूर क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी से शादी की थी। दोनों की शादी अलग-अलग धार्मिक पृष्ठभूमि के बावजूद हुई थी। अब उनकी बेटी सबा पटौदी ने परिवार की धार्मिक परवरिश को लेकर एक दिलचस्प बात साझा की है।
एक हालिया इंटरव्यू में सबा ने बताया कि उनकी मां ने शादी के बाद इस्लाम अपनाया था और बच्चों को भी इस्लाम की बुनियादी बातें सिखाईं। सबा के मुताबिक, उनकी मां चाहती थीं कि बच्चों को अपनी आस्था को समझने के लिए एक मजबूत आधार मिले।
‘अम्मी ने हमें इस्लाम के बारे में सिखाया’
सबा ने बातचीत के दौरान बताया कि अगर वह भगवान के बारे में सोचती हैं तो उनके मन में अल्लाह का नाम आता है। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि वह दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करतीं।
उन्होंने बताया कि उनके घर में मंदिर नहीं था और बचपन में उन्हें हिंदू धर्म की धार्मिक शिक्षा नहीं दी गई। इसके बजाय शर्मिला टैगोर ने उन्हें इस्लाम, रमजान और उससे जुड़ी परंपराओं के बारे में समझाया।
सबा के अनुसार, बाद में यह बच्चों की अपनी पसंद थी कि वे किस तरह अपनी आस्था को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
दिवाली से लेकर क्रिसमस तक मनाते थे त्योहार
पटौदी परिवार की खासियत सिर्फ धार्मिक शिक्षा तक सीमित नहीं रही। सबा ने बताया कि उनका परिवार अलग-अलग त्योहार भी साथ मिलकर मनाता था। उनके बचपन में क्रिसमस, दिवाली और होली जैसे त्योहार भी सेलिब्रेट किए जाते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई-बहनों ने अलग धर्म के लोगों से शादी की है और परिवार में किसी पर भी आस्था थोपने की कोशिश नहीं की गई।
सैफ और सोहा की शादी भी रही चर्चा में
सबा के भाई सैफ अली खान ने पहले अमृता सिंह और बाद में करीना कपूर से शादी की। वहीं, उनकी बहन सोहा अली खान ने अभिनेता कुणाल खेमू से शादी की। दोनों भाई-बहनों की शादियां भी अलग धार्मिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों में हुईं।
सबा खुद अब तक शादी नहीं कर चुकी हैं और अपनी जिंदगी को अपनी पसंद के मुताबिक आगे बढ़ा रही हैं। उनके इस खुलासे ने एक बार फिर पटौदी परिवार की विविध और खुले विचारों वाली पारिवारिक परवरिश को चर्चा में ला दिया है।

