Entertainment News: 1998 की सुपरहिट फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ में छोटी अंजलि का किरदार निभाकर लाखों दिल जीतने वाली अभिनेत्री सना सईद ने अपनी जिंदगी का एक बेहद निजी और दर्दनाक अनुभव साझा किया है। सना ने बताया कि वह कई वर्षों तक बुलीमिया (Bulimia) नाम के गंभीर ईटिंग डिसऑर्डर से जूझती रहीं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से काफी प्रभावित किया, लेकिन आखिरकार उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और खुद को इस मुश्किल दौर से बाहर निकाला।
कॉलेज के दिनों में शुरू हुई परेशानी
सना ने बताया कि कॉलेज के समय चारों ओर पतला दिखने की होड़ लगी हुई थी। हर कोई ‘साइज जीरो’ पाने के लिए अलग-अलग डाइट और एक्सरसाइज का सहारा ले रहा था। ऐसे माहौल में वह भी खुद को बदलने की कोशिश करती रहीं।उन्होंने कहा कि अभिनय की दुनिया में लगातार लोगों की नजरें और लुक्स पर होने वाली टिप्पणियां इस दबाव को और बढ़ा देती थीं। धीरे-धीरे यह आदत एक गंभीर ईटिंग डिसऑर्डर में बदल गई।
6 साल तक समझ ही नहीं पाईं कि बीमारी क्या है
सना ने खुलासा किया कि करीब छह साल तक उन्हें यह पता ही नहीं था कि वह किसी बीमारी से जूझ रही हैं। उन्हें लगता था कि यह सिर्फ उनकी खराब आदत है। बाद में रिकवरी से जुड़ी एक किताब पढ़ने के बाद उन्हें पहली बार समझ आया कि उन्हें बुलीमिया है।इसके बाद सही जानकारी और लगातार प्रयास की मदद से उन्हें पूरी तरह ठीक होने में लगभग चार साल का समय लगा।
शादी और बच्चों के भविष्य ने बदल दी सोच
सना ने बताया कि शादी के बाद वह अपने पति के साथ बिना किसी डर के जिंदगी जीना चाहती थीं। उन्हें यह भी चिंता थी कि अगर उन्होंने खुद को समय रहते ठीक नहीं किया, तो इसका असर भविष्य में उनके बच्चों पर भी पड़ सकता है।यही सोच उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बनी और उन्होंने पूरी मजबूती के साथ अपनी रिकवरी पर ध्यान दिया।
मुंबई छोड़ लॉस एंजिल्स में शुरू की नई जिंदगी
साल 2016 में सना एक्टिंग और फिल्ममेकिंग की पढ़ाई के लिए लॉस एंजिल्स गईं। बाद में 2021 में उन्होंने मुंबई छोड़कर वहीं बसने का फैसला किया। आज वह अपने पति साबा वैगनर के साथ खुशहाल जीवन जी रही हैं और दोनों मिलकर अपना प्रोडक्शन हाउस ‘Beyond Magic Studios’ चला रहे हैं।
क्या है बुलीमिया?
बुलीमिया एक गंभीर ईटिंग डिसऑर्डर है, जिसमें व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खाना खा लेता है और फिर वजन बढ़ने के डर से उल्टी करना, भूखा रहना या जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करना शुरू कर देता है।इसके सामान्य लक्षणों में बार-बार उल्टी करना, शरीर में कमजोरी, डिहाइड्रेशन, दांतों का खराब होना, गालों में सूजन और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन शामिल हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी दिल, किडनी और पाचन तंत्र पर गंभीर असर डाल सकती है। सना सईद की कहानी इस बात का उदाहरण है कि सही जानकारी, उपचार और मजबूत इरादे से इस चुनौती का सामना किया जा सकता है।

