Celebrity Controversy: टीवी इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने अपने लोकप्रिय शो ‘भाबीजी घर पर हैं’ छोड़ने के दौरान लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को 10 साल बाद वापस ले लिया है। पहले इन आरोपों के बाद प्रोड्यूसर के खिलाफ काफी विवाद खड़ा हुआ था और उन्हें सोशल मीडिया पर भारी समर्थन भी मिला था।
हालांकि अब एक पॉडकास्ट में दिए गए बयान के बाद शिल्पा शिंदे ने स्वीकार किया है कि उस समय लगाए गए आरोप झूठे थे। उन्होंने कहा कि उस समय परिस्थितियों और दबाव के कारण उनके पास कोई और रास्ता नहीं था। इस खुलासे के बाद वह एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं और सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
हिना खान का तीखा रिएक्शन
शिल्पा शिंदे के इस बयान के बाद टीवी एक्ट्रेस हिना खान ने इंस्टाग्राम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हिना खान और शिल्पा शिंदे दोनों ने सलमान खान के रियलिटी शो ‘बिग बॉस 11’ में हिस्सा लिया था, जहां दोनों के बीच कई बार तीखी बहस भी देखने को मिली थी।
हिना खान ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि किसी विवाद में जीतने के लिए झूठे आरोप लगाकर किसी की छवि खराब करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में असली पीड़ित की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, खासकर जब इसमें किसी व्यक्ति और उसके परिवार की प्रतिष्ठा जुड़ी हो।
‘झूठे आरोपों से हुआ नुकसान’ — हिना खान
हिना खान ने आगे लिखा कि एक मेहनती प्रोड्यूसर को ऐसे गंभीर आरोपों से गुजरना पड़ा, जबकि बाद में खुद आरोप लगाने वाली अभिनेत्री ने इसे गलत बताया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि ऐसे झूठे दावे बार-बार किए जाएं तो इससे समाज और न्याय प्रणाली पर क्या असर पड़ेगा।
पॉडकास्ट में शिल्पा का खुलासा
यह पूरा मामला तब सामने आया जब शिल्पा शिंदे ने कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के यूट्यूब पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान यह स्वीकार किया कि उन्होंने 10 साल पहले जो यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था, वह सच नहीं था।
शिल्पा के अनुसार, उस समय परिस्थितियां ऐसी थीं कि उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनसे ऐसे बयान लिखवाए गए जो उनके अनुसार उचित नहीं थे।
फिर शुरू हुई बहस
इस खुलासे के बाद टीवी इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई है। जहां कुछ लोग शिल्पा शिंदे के बयान को उनकी मजबूरी बता रहे हैं, वहीं कई लोग इसे गंभीर मुद्दों पर गलत आरोप लगाने का मामला मान रहे हैं।

