Delhi News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वह अपना अनशन जारी रखेंगे। उनका कहना है कि जब तक प्रदर्शन कर रहे युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती, तब तक वह अपना उपवास खत्म नहीं करेंगे।
युवाओं के समर्थन में जारी रहेगा अनशन
सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया है, उसे देखकर उन्होंने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने लिखा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की बात सुनी जानी चाहिए और उन्हें अपनी मांगें रखने का अवसर मिलना चाहिए।
सरकार से की संवाद की अपील
अपने संदेश में वांगचुक ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों को संसद के सामने अपनी बात रखने का मौका दिया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित मंत्री इस पूरे मामले में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाएगा।
वांगचुक ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान उकसावे की स्थिति बनने के बावजूद युवाओं ने धैर्य और शांति बनाए रखी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के संयम की सराहना करते हुए कहा कि इसी शांतिपूर्ण रवैये से लोकतांत्रिक संवाद मजबूत होता है।
जंतर-मंतर पर बढ़ाई गई सुरक्षा
दूसरी ओर, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। संसद मार्च के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए।
रिपोर्टों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। कुछ जगहों पर लाठीचार्ज किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
अब सबकी नजर अगले कदम पर
फिलहाल प्रदर्शन जारी है और सोनम वांगचुक ने साफ कर दिया है कि उनका अनशन तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक प्रदर्शनकारी युवाओं को सांसदों से मिलने और अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जाता। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस पूरे मामले में आगे क्या फैसला लेते हैं और क्या बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकल पाता है।

