Eye Health Tips: डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के अंगों को धीरे-धीरे अंदर से खोखला कर देती है। अक्सर लोग इसे केवल दिल या किडनी की सेहत से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसका सबसे ‘खामोश’ और गहरा हमला आँखों पर होता है।
डायबिटीज (ब्लड शुगर) केवल इंसुलिन और खान-पान तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों की मानें तो यह आँखों की नसों को इस कदर कमजोर कर देती है कि व्यक्ति स्थायी रूप से अंधापन का शिकार हो सकता है। सबसे डरावनी बात यह है कि इसका पता तब चलता है जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी होती है।
एक्सपर्ट की राय: कैसे प्रभावित होती हैं आँखें?
एक्सपर्ट के अनुसार, हमारी आँख एक कैमरे की तरह काम करती है और इसके पीछे ‘रेटिना’ नाम की एक परत होती है।
* नसों पर असर: रेटिना में बहुत बारीक ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाएं) होती हैं। हाई ब्लड शुगर इन नसों को कमजोर कर देता है, जिससे उनमें सूजन या रिसाव होने लगता है।
* नाजुक नसें: कई बार शरीर डैमेज को रोकने के लिए नई नसें बनाता है, लेकिन वे इतनी नाजुक होती हैं कि वे आँख के अंदर अधिक खून का रिसाव कर नुकसान बढ़ा देती हैं।
डायबिटीज से होने वाली प्रमुख बीमारियाँ
डायबिटीज के कारण आँखों में मुख्य रूप से चार तरह की गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं:
1. डायबिटिक रेटिनोपैथी: यह नजर कमजोर होने का सबसे बड़ा कारण है, जिसमें रेटिना की नसें पूरी तरह खराब हो जाती हैं।
2. डायबिटिक मैक्युलर एडीमा: रेटिना के केंद्र में सूजन आना।
3. मोतियाबिंद (Cataract): शुगर के मरीजों में मोतियाबिंद होने का खतरा सामान्य लोगों से कहीं ज्यादा होता है।
4. ग्लूमा (Glaucoma): आँख के अंदर दबाव बढ़ना, जिससे रोशनी कम होने लगती है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
चूंकि शुरुआती दौर में दर्द नहीं होता, इसलिए इन संकेतों पर गौर करना जरूरी है:
* अचानक नजर धुंधली हो जाना।
* आँखों के सामने काले धब्बे या ‘फ्लोटर्स’ तैरते हुए दिखना।
* रात के समय देखने में काफी कठिनाई होना।
* रंगों को पहचानने में समस्या आना।
बचाव के आसान उपाय
राहत की बात यह है कि सही समय पर संभलने से नुकसान को रोका जा सकता है:
* सालाना जांच: साल में कम से कम एक बार आँखों की विस्तृत जांच (Comprehensive Eye Exam) जरूर कराएं, भले ही आपको ठीक दिख रहा हो।
* शुगर कंट्रोल: दवा, फाइबर युक्त डाइट और नियमित फिजिकल एक्टिविटी से शुगर लेवल को काबू में रखें।
* तनाव कम करें: मानसिक शांति और पर्याप्त नींद भी नसों की सेहत के लिए जरूरी है।

