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रविवार, अगस्त 9, 2026
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डायबिटीज आने से पहले शरीर देता है ये 8 बड़े संकेत, कहीं आप तो नहीं कर रहे नजरअंदाज?

Health News: डायबिटीज आज तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि कई लोगों को शुरुआत में इसके कोई साफ लक्षण दिखाई नहीं देते। ऐसे में शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है।हालांकि सिर्फ लक्षण देखकर डायबिटीज की पुष्टि नहीं की जा सकती। ब्लड शुगर की जांच के बाद ही सही स्थिति पता चलती है।

बार-बार प्यास और पेशाब आना

अगर आपको सामान्य दिनों की तुलना में बहुत ज्यादा प्यास लग रही है या बार-बार पेशाब आ रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ब्लड शुगर बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। इससे बार-बार पेशाब और ज्यादा प्यास लग सकती है।

बिना वजह वजन कम होना

बिना डाइटिंग या एक्सरसाइज के वजन लगातार कम होना भी ध्यान देने वाला संकेत है। डायबिटीज में शरीर ग्लूकोज का इस्तेमाल ठीक से नहीं कर पाता, जिसके कारण ऊर्जा के लिए दूसरे स्रोतों का इस्तेमाल होने लगता है।लेकिन वजन कम होने के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए इसे केवल डायबिटीज से जोड़ना सही नहीं होगा।

हर समय थकान और कमजोरी

पूरी नींद लेने के बाद भी अगर शरीर में लगातार थकान या कमजोरी महसूस होती है, तो इसके कई कारण हो सकते हैं। बढ़ा हुआ ब्लड शुगर भी उनमें से एक है। अगर यह समस्या लगातार बनी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

घाव देर से भरना भी चेतावनी

छोटी चोट या कट को ठीक होने में सामान्य से ज्यादा समय लगना भी डायबिटीज से जुड़ा हो सकता है। कुछ लोगों में बार-बार संक्रमण होने की समस्या भी दिखाई दे सकती है। ऐसे बदलाव लगातार नजर आएं तो ब्लड शुगर की जांच पर विचार करना चाहिए।

पैरों में जलन या सुन्नपन

पैरों में बार-बार झनझनाहट, जलन, दर्द या सुन्नपन को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ा रहने पर नसों से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।

गर्दन की त्वचा काली पड़ना

गर्दन या बगल की त्वचा का असामान्य रूप से काला और मोटा होना एकैंथोसिस निग्रिकन्स कहलाता है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब हर बार डायबिटीज होना नहीं है।

धुंधला दिखाई देना

ब्लड शुगर में बदलाव के कारण कुछ लोगों को धुंधला दिखाई दे सकता है। अगर नजर बार-बार धुंधली हो रही है, तो डॉक्टर या आई स्पेशलिस्ट से जांच कराना जरूरी है।

प्री-डायबिटीज को भी समझें

डायबिटीज से पहले की स्थिति को प्री-डायबिटीज कहा जाता है। इसमें ब्लड ग्लूकोज सामान्य से ज्यादा होता है, लेकिन डायबिटीज की सीमा तक नहीं पहुंचता। इसकी पहचान HbA1c, फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज और अन्य रक्त जांचों से की जा सकती है।

सिर्फ लक्षण नहीं, जांच भी जरूरी

डायबिटीज की पुष्टि केवल शरीर के संकेत देखकर नहीं की जा सकती। कई लोगों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। इसलिए अगर परिवार में डायबिटीज का इतिहास है, वजन ज्यादा है, शारीरिक गतिविधि कम है या अन्य जोखिम कारक मौजूद हैं, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित स्क्रीनिंग कराना फायदेमंद है।

 

 

(Disclaimer- यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. The Mid Post इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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