Health News: हाई ब्लड प्रेशर (High BP) आजकल सिर्फ बुजुर्गों की ही नहीं, बल्कि युवाओं की भी बड़ी चिंता बन गया है। अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बाद में हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। डॉक्टर्स इसे ‘साइलेंट किलर’ कहते हैं क्योंकि इसके संकेत अक्सर subtle होते हैं।
हाई बीपी क्या है?
जब शरीर की धमनियों में लगातार खून का दबाव सामान्य सीमा से ज्यादा हो जाता है, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं। सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mm Hg से कम होता है।120-129/80 तक: प्री-हाइपरटेंशन,130-139/80-89: स्टेज 1 हाइपरटेंशन,140/90 या उससे ज्यादा स्टेज 2 हाइपरटेंशन ज्यादा बढ़ने पर, हाइपरटेंसिव क्राइसिस, जो मेडिकल इमरजेंसी होती है,इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है।लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहना खतरनाक हो सकता है क्योंकि यह हृदय, किडनी, मस्तिष्क और आंखों जैसी महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुँचा सकता है।
हाई बीपी के 3 गंभीर लक्षण
ब्लड प्रेशर बढ़ने पर शरीर में कुछ बदलाव नजर आने लगते हैं। इन्हें समझकर समय रहते सावधानी बरती जा सकती है।सिर में अचानक तेज दर्द, सुबह-सुबह सिरदर्द होना भी हाई बीपी का संकेत हो सकता है।सांस फूलना या दिल पर भारीपन, सीढ़ियाँ चढ़ते समय या हल्का व्यायाम करते समय ये महसूस होना चेतावनी है।नाक से बार-बार खून आना, लगातार नाक से खून आना भी हाई ब्लड प्रेशर का संकेत माना जाता है।
हाई बीपी से होने वाली खतरनाक बीमारियां
किडनी में स्टोन बनना
हार्ट अटैक का खतरा
ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम
आंखों की रोशनी पर असर इसलिए 18 साल से ऊपर के लोगों को समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर चेक करवाना चाहिए।
बीपी कंट्रोल करने के आसान तरीके
हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं, नियमित व्यायाम करें, स्मोकिंग और शराब से दूर रहें, योग और मेडिटेशन को अपनाएं, नमक कम करें,पर्याप्त नींद लें,ब्लड प्रेशर पर ध्यान रखना मुश्किल नहीं, बस थोड़ी सावधानी और नियमित जांच की जरूरत है। अपनी सेहत को प्राथमिकता दें, ताकि हाई बीपी के साइलेंट खतरे से बचा जा सके।

