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शनिवार, अगस्त 15, 2026
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Grapes: क्या बाजार में आने वाले हैं केमिकल वाले अंगूर? जानें क्या है वायरल दावों की सच

Grapes Pesticide Safety: बाजार में अंगूर पहले की तुलना में ज्यादा मीठे और आकर्षक नजर आते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी मिठास केमिकल से ही आती है। अंगूर की मिठास मुख्य रूप से उसकी प्राकृतिक शर्करा, किस्म और पकने की अवस्था पर निर्भर करती है।

अंगूर की खेती में कीटों और फंगल संक्रमण से फसल को बचाने के लिए पेस्टिसाइड और फंगीसाइड का इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ परिस्थितियों में ग्रोथ रेगुलेटर का भी इस्तेमाल होता है। हालांकि, इनके अवशेषों के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों में निर्धारित सीमाएं होती हैं।

क्या अंगूर में खतरनाक केमिकल होते हैं?

क्लोरपाइरीफॉस, कार्बेंडाजिम और प्रोफेनोफॉस जैसे रसायनों के नाम लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे किए जाते हैं। साथ ही अंगूरों में लेड और आर्सेनिक की मात्रा तय सीमा से कई गुना अधिक होने की बातें भी कही जाती हैं। लेकिन 50 गुना ज्यादा पेस्टिसाइड या 80 प्रतिशत अंगूर दूषित होने जैसे दावों को किसी खास आधिकारिक रिपोर्ट के संदर्भ के बिना सही नहीं माना जा सकता।

अंगूर खाने से पहले जरूर करें ये काम

अंगूर खरीदने के बाद उन्हें सीधे खाने के बजाय बहते साफ पानी में अच्छी तरह धोएं। धोने से फल की सतह पर मौजूद धूल, गंदगी और कुछ रासायनिक अवशेष कम किए जा सकते हैं। अंगूरों को केवल उनकी चमक देखकर जहरीला मानना भी सही नहीं है।

बच्चों के लिए भी रखें खास सावधानी

बच्चों को फल देने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना जरूरी है। अगर किसी फल को खाने के बाद उल्टी, चक्कर, पेट दर्द, मुंह में जलन या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

अंगूर पौष्टिक फल हैं और सिर्फ वायरल दावों के आधार पर इन्हें खाना बंद करने की जरूरत नहीं है। अच्छी गुणवत्ता वाले अंगूर खरीदें, उन्हें अच्छी तरह धोएं और पेस्टिसाइड से जुड़े अपुष्ट दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।

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