Health News: हम दवाओं को बीमारी ठीक करने के लिए लेते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कभी-कभी वही दवाएं लिवर को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं?ऐसा होता है। कुछ दवाओं के लंबे समय तक इस्तेमाल से लिवर में फैट जमा हो सकता है, जिसे ‘ड्रग-इंड्यूस्ड फैटी लिवर’ कहा जाता है। अगर यह शराब के बिना होता है, तो इसे MASLD (Metabolic Dysfunction-Associated Steatotic Liver Disease) की श्रेणी में रखा जाता है।
कौन सी दवाएं लिवर पर असर डाल सकती हैं?
डॉ. नीरज कहते हैं कि कुछ दवाएं लिवर में फैट जमा कर सकती हैं और अगर लंबे समय तक ली जाएं, तो खतरा बढ़ सकता है। इनमें शामिल हैं,स्टेरॉयड्स और हार्मोनल दवाएं,हार्ट और ब्लड प्रेशर की दवाएं,कैंसर की दवाएं,पेनकिलर और मिर्गी की दवाएं,हर्बल या आयुर्वेदिक सप्लीमेंट्स। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना जोखिम भरा हो सकता है। डोज कितने समय तक दवा ली जा रही है और आपकी मेटाबॉलिक स्थिति भी इससे जुड़ी होती है।
लिवर को नुकसान कैसे होता है?
लिवर के सेल्स में माइटोकॉन्ड्रिया होते हैं, जो फैट को “बर्न” करने में मदद करते हैं। कुछ दवाओं की वजह से ये माइटोकॉन्ड्रिया डैमेज हो सकते हैं।इसके अलावा कुछ दवाएं लिवर के सेल्स के DNA को नुकसान पहुंचा सकती हैं या फैट बाहर निकालने की प्रक्रिया रोक सकती हैं। नतीजा? लिवर में फैट जमा और फैटी लिवर की समस्या।
लक्षण जो अनदेखे न करें
डॉ. सौरभ सिंघल बताते हैं कि शुरू में लक्षण हल्के होते हैं और लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ चीजें जिनपर ध्यान दें, लगातार थकान महसूस होना, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का दर्द या बेचैनी, गंभीर स्थिति में त्वचा या आंखों का पीलापन, पेशाब का रंग गहरा पीला होना, दस्त, भूख न लगना, बुखार या सिरदर्द
बचाव के आसान तरीके
हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लें। अगर लिवर के लक्षण दिखें, तो दवा तुरंत बंद न करें, बल्कि डॉक्टर से सलाह लें। समय रहते दवा बदलने या सुरक्षित विकल्प अपनाने से 95% मरीज ठीक हो सकते हैं।बुजुर्ग, महिलाओं, कमजोर इम्यून सिस्टम वाले और ज्यादा शराब पीने वालों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।दवाएं ज़रूरी हैं लेकिन सही तरीके से और सही समय पर लेना बहुत जरूरी है। पेट में दर्द, थकान या पीलापन महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। लिवर खुद को ठीक कर सकता है, अगर समय रहते सही कदम उठाए जाएं।कोई भी दवा भले बुखार या दर्द की हो, बिना डॉक्टर की सलाह मत लें। यह छोटी सावधानी आपके लिवर को बचा सकती है।

