Digital Wallet Safety: डिजिटल दौर में बिल भुगतान, ऑनलाइन शॉपिंग, फॉर्म भरने और पढ़ाई जैसे कई काम इंटरनेट के जरिए आसानी से किए जा सकते हैं। ऑनलाइन पेमेंट भी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। डिजिटल भुगतान के लिए मौजूद कई ऐप डिजिटल वॉलेट की सुविधा देते हैं, जिससे बिना कैश के भुगतान करना आसान हो जाता है।
डिजिटल वॉलेट एक ऐप या ऑनलाइन सिस्टम होता है, जिसमें पेमेंट से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहती है। इसमें बैंक अकाउंट, कार्ड या अन्य पेमेंट मेथड लिंक किए जा सकते हैं। हालांकि, डिजिटल वॉलेट और UPI एक ही चीज नहीं हैं। UPI आमतौर पर सीधे बैंक अकाउंट से भुगतान करता है, जबकि वॉलेट में बैलेंस अलग से उपलब्ध हो सकता है।
नकली कस्टमर केयर से रहें सावधान
डिजिटल वॉलेट इस्तेमाल करते समय साइबर फ्रॉड का खतरा भी रहता है। सबसे आम तरीकों में से एक फर्जी कस्टमर केयर स्कैम है। लोग इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजते समय नकली नंबर पर पहुंच सकते हैं। इसके बाद स्कैमर समस्या हल करने के बहाने OTP, UPI PIN, पासवर्ड, CVV या स्क्रीन शेयर करने को कह सकते हैं।
ध्यान रखें कि ऐसी संवेदनशील जानकारी कभी किसी के साथ साझा न करें।
फिशिंग लिंक से हो सकता है नुकसान
स्कैमर बैंक अधिकारी, पेमेंट कंपनी या कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर फर्जी मैसेज भेज सकते हैं। इनमें दिए लिंक पर क्लिक कराने के लिए अकाउंट ब्लॉक होने, KYC अपडेट या रिफंड मिलने जैसे बहाने बनाए जाते हैं। ऐसे लिंक आपकी निजी या वित्तीय जानकारी चुराने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
ऐसे रखें डिजिटल वॉलेट सुरक्षित
अपने फोन और पेमेंट ऐप को हमेशा अपडेट रखें और मजबूत स्क्रीन लॉक का इस्तेमाल करें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी के कहने पर रिमोट-एक्सेस या स्क्रीन-शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें। बैंक और पेमेंट ऐप के ट्रांजैक्शन अलर्ट पर नजर रखें।
अगर किसी अनजान ट्रांजैक्शन की जानकारी मिले, तो तुरंत संबंधित बैंक या पेमेंट सेवा प्रदाता के आधिकारिक माध्यम से संपर्क करें। थोड़ी सी सावधानी डिजिटल वॉलेट को सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने में काफी मदद कर सकती है।

