Social Media Fake News: डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही भ्रामक, तोड़-मरोड़कर पेश की गई और गलत सूचनाओं से निपटने के लिए केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों ने नई व्यवस्था तैयार करनी शुरू कर दी है। इसके तहत कई मंत्रालय और विभाग क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) का गठन कर रहे हैं। इन टीमों का उद्देश्य गलत सूचनाओं की पहचान कर उनका तथ्यात्मक जवाब जल्द से जल्द जनता तक पहुंचाना है।
दो घंटे के भीतर जवाब देने की तैयारी
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, किसी भ्रामक पोस्ट के सामने आने पर संबंधित मंत्रालय की ओर से उसका सही और प्रमाणित जवाब दो घंटे के भीतर देने का लक्ष्य रखा जा रहा है। इससे सोशल मीडिया पर गलत जानकारी के तेजी से प्रसार को रोकने और लोगों के बीच पैदा होने वाली भ्रम की स्थिति को कम करने में मदद मिलेगी।
बिजली, कृषि और वाणिज्य समेत कई प्रमुख मंत्रालयों और विभागों ने ऐसी टीमों का गठन शुरू कर दिया है।
सोशल मीडिया कंटेंट पर रहेगी नजर
QRT सोशल मीडिया पर संबंधित विभाग की योजनाओं, नीतियों, कार्यक्रमों और फैसलों से जुड़े कंटेंट की नियमित निगरानी करेगी। अगर कोई पोस्ट तथ्यहीन, भ्रामक, छेड़छाड़ की गई या जनहित को प्रभावित करने वाली पाई जाती है, तो उसकी जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई के लिए मामला आगे बढ़ाया जाएगा।
PIB फैक्ट चेक यूनिट से समन्वय
सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए ये टीमें PIB फैक्ट चेक यूनिट के साथ भी समन्वय करेंगी। वहीं, बड़े पैमाने पर फैलने वाली पोस्ट, संवेदनशील नीतिगत मामलों, कानूनी पहलुओं या सुनियोजित दुष्प्रचार अभियानों से जुड़े मामलों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।
डिजिटल स्पेस में बढ़ेगी निगरानी
सरकार की इस पहल का उद्देश्य सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं के प्रभाव को कम करना और नागरिकों तक सही जानकारी तेजी से पहुंचाना है। अधिकारियों का मानना है कि त्वरित प्रतिक्रिया और तथ्य आधारित जानकारी से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

