Meta Compliance Roadmap: भारत सरकार ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा (Meta) से फर्जी खबरों, भ्रामक प्रचार और अवैध कंटेंट पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विस्तृत अनुपालन (Compliance) रोडमैप मांगा है। सरकार का उद्देश्य व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैलने वाली गलत सूचनाओं और आपत्तिजनक सामग्री पर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
MeitY के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के वरिष्ठ अधिकारियों और मेटा के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक के दौरान कंपनी की तकनीकी टीम ने अपने एल्गोरिदम और कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को लेकर प्रस्तुति दी। चर्चा के दौरान मौजूदा सिस्टम में सुधार की आवश्यकता पर भी बात हुई। सरकार ने कंपनी से ऐसे तकनीकी बदलावों की रूपरेखा प्रस्तुत करने को कहा, जिससे गलत और हानिकारक सामग्री की पहचान तथा कार्रवाई अधिक प्रभावी हो सके।
डेटा लोकलाइजेशन और त्वरित कार्रवाई पर जोर
सरकार ने मेटा को भारत के डेटा लोकलाइजेशन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, सरकारी एजेंसियों द्वारा चिन्हित आपत्तिजनक या संवेदनशील कंटेंट को जल्द हटाने के लिए पारदर्शी और तेज़ प्रक्रिया विकसित करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि समय पर कार्रवाई से गलत सूचना के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है।
डीपफेक से निपटने की तैयारी
बैठक में डीपफेक वीडियो और AI आधारित फर्जी सामग्री भी प्रमुख मुद्दा रही। सरकार ने मेटा को विभिन्न मंत्रालयों की क्विक रिस्पॉन्स टीमों (QRTs) के साथ समन्वय बढ़ाने का सुझाव दिया, ताकि भ्रामक सामग्री की पहचान और उसे हटाने की प्रक्रिया तेज हो सके।
आगे भी जारी रहेगी बातचीत
सूत्रों के अनुसार, तकनीकी और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर सरकार और मेटा के बीच आने वाले दिनों में भी कई दौर की बैठकें होंगी। दोनों पक्ष इस दिशा में सहयोग जारी रखने पर सहमत हैं, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित और जिम्मेदार ऑनलाइन वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

