Digital India: भारत में डिजिटल क्रांति अब एक नए और अधिक शक्तिशाली चरण में प्रवेश कर चुकी है। दूरसंचार उपकरण बनाने वाली दिग्गज कंपनी ‘नोकिया’ के नवीनतम वार्षिक मोबाइल ब्रॉडबैंड सूचकांक (MBiT) की रिपोर्ट ने देश के बदलते डिजिटल व्यवहार पर मुहर लगा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारतीय मोबाइल यूजर्स की औसत मासिक डेटा खपत में जबरदस्त उछाल आया है। यह वृद्धि केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के एक ‘डेटा-संचालित अर्थव्यवस्था’ (Data-driven Economy) बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उपभोग का नया इंजन बना 5G डेटा
रिपोर्ट के 13वें संस्करण में सबसे महत्वपूर्ण बात 5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार और स्वीकार्यता है। अब देश के कुल मोबाइल ब्रॉडबैंड ट्रैफिक का लगभग आधा हिस्सा अकेले 5G नेटवर्क से आ रहा है। यह तकनीक न केवल शहरों, बल्कि कस्बों तक पहुँच चुकी है, जिससे डेटा उपयोग की कुल मात्रा में पिछले एक साल में करीब 70 प्रतिशत की भारी बढ़त देखी गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारतीय यूजर अब पुरानी 4G तकनीक से निकलकर सुपर-फास्ट 5G की ओर तेजी से शिफ्ट हो रहे हैं।
क्यों बढ़ रही है डेटा की डिमांड
डेटा खपत में आई इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) आधारित एप्लिकेशंस का बढ़ता चलन इसका सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा, उच्च गुणवत्ता वाले 4K वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड गेमिंग और सोशल मीडिया पर शॉर्ट वीडियो कंटेंट की बढ़ती मांग ने डेटा की खपत को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है। उन्नत मोबाइल ब्रॉडबैंड के विस्तार ने यूजर्स को बिना किसी रुकावट के भारी फाइल्स डाउनलोड करने और हाई-डेफिनिशन कंटेंट देखने की सुविधा दी है।
भविष्य की डिजिटल तस्वीर
पिछले पांच वर्षों के रुझान को देखें तो भारत में डेटा उपयोग की वार्षिक औसत वृद्धि दर लगभग 18 प्रतिशत रही है। यह निरंतर बढ़त इस बात का संकेत है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े और सक्रिय इंटरनेट बाजारों में से एक बना हुआ है। अब डेटा केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-कॉमर्स और गेमिंग जैसी सेवाओं की रीढ़ बन गया है। 5G की बढ़ती हिस्सेदारी और भविष्य में 6G की आहट भारत को वैश्विक डिजिटल मानचित्र पर एक अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित कर रही है।

