SIM Card Rules: दूरसंचार विभाग (DoT) के नियमों के मुताबिक, भारत में एक व्यक्ति अपने नाम पर अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों को मिलाकर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह सीमा 6 मोबाइल कनेक्शन है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि 9 सिम की लिमिट कोई नया नियम नहीं है। नए दिशानिर्देशों का मकसद इस सीमा को प्रभावी तरीके से लागू करना और एक ही व्यक्ति के नाम पर जरूरत से ज्यादा कनेक्शन जारी होने से रोकना है।
DIP करेगा सभी नंबरों को एक साथ लिंक
नई व्यवस्था में Digital Intelligence Platform (DIP) की अहम भूमिका होगी। यह प्लेटफॉर्म अलग-अलग टेलीकॉम ऑपरेटरों के पास एक व्यक्ति के नाम पर दर्ज मोबाइल कनेक्शनों को एक साथ ग्रुप करेगा।
23 अगस्त 2026 से टेलीकॉम कंपनियों को उन ग्राहकों की प्रतिनिधि तस्वीर डाउनलोड करने की सुविधा मिलेगी, जिनके नाम पर निर्धारित सीमा तक या उससे अधिक मोबाइल कनेक्शन दर्ज हैं।
24 अगस्त से फोटो वेरिफिकेशन
24 अगस्त 2026 से नया सिम एक्टिवेट करते समय फोटो मैचिंग और तकनीकी वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित सीमा पार करने के बाद नया मोबाइल कनेक्शन लेने की कोशिश करता है, तो सिस्टम उसकी पहचान कर उसे नया सिम जारी करने से रोक सकेगा।
30 नवंबर तक रियल-टाइम जांच
DoT ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि 30 नवंबर 2026 तक इस फोटो-बेस्ड सिस्टम को सिम एक्टिवेशन प्रक्रिया में पूरी तरह इंटीग्रेट किया जाए। इसके बाद नया सिम चालू होने से पहले ही ग्राहक के नाम पर मौजूद कनेक्शनों की जांच रियल-टाइम में हो सकेगी।
यह कदम फर्जी सिम, पहचान के दुरुपयोग और मोबाइल नंबर के जरिए होने वाले साइबर फ्रॉड को रोकने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

