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Wednesday, June 17, 2026
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Digital Payments: बच्चों के लिए डिजिटल पेमेंट ऐप्स का बढ़ता ट्रेंड, जाने कितना सेफ और अनसेफ

Digital Payments: डिजिटल इंडिया के दौर में अब केवल वयस्क ही नहीं, बल्कि बच्चे और टीनएजर्स भी तेजी से ऑनलाइन पेमेंट की दुनिया का हिस्सा बन रहे हैं। खाना ऑर्डर करने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग, दोस्तों के साथ पैसे शेयर करने और यात्रा का किराया चुकाने तक, कई काम अब मोबाइल फोन के जरिए किए जा रहे हैं।

इसी बदलती जरूरत को देखते हुए कई फिनटेक कंपनियों ने बच्चों और किशोरों के लिए विशेष डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म तैयार किए हैं। इनका उद्देश्य कम उम्र के यूजर्स को सुरक्षित तरीके से डिजिटल ट्रांजैक्शन की सुविधा देना है, जबकि माता-पिता को उनके खर्च पर नियंत्रण बनाए रखने का विकल्प भी मिलता है।

माता-पिता क्यों पसंद कर रहे हैं ये ऐप्स?

अधिकांश टीनएज पेमेंट ऐप्स माता-पिता को बच्चों के अकाउंट में पैसे भेजने और उनकी खर्च संबंधी गतिविधियों पर नजर रखने की सुविधा देते हैं। इन प्लेटफॉर्म्स में खर्च की सीमा तय करने, कुछ ट्रांजैक्शन के लिए पैरेंटल अप्रूवल और खर्च का पूरा रिकॉर्ड देखने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

इससे बच्चों को वित्तीय स्वतंत्रता का अनुभव मिलता है, जबकि अभिभावकों का नियंत्रण भी बना रहता है। यही कारण है कि कई परिवार अब नकद पैसे देने के बजाय ऐसे डिजिटल विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

टीनएजर्स के बीच लोकप्रिय है FamApp

FamApp (पूर्व में FamPay) उन प्लेटफॉर्म्स में शामिल है जिसने शुरुआत से ही टीनएजर्स को लक्ष्य बनाकर सेवाएं विकसित की हैं। इसका यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस और प्रीपेड कार्ड सुविधा इसे युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाती है।

इस ऐप के जरिए टीनएजर्स ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल भुगतान कर सकते हैं, जबकि माता-पिता उनके खर्च की निगरानी कर सकते हैं।

डिजिटल पेमेंट के साथ जुड़े जोखिम

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार डिजिटल भुगतान करने से बच्चों में पैसे खर्च करने का वास्तविक एहसास कम हो सकता है। नकद पैसे खर्च करने की तुलना में QR कोड या एक-क्लिक पेमेंट के जरिए छोटे-छोटे खर्चों पर ध्यान कम जाता है।

इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग, शॉपिंग और इन-ऐप खरीदारी पर जरूरत से ज्यादा खर्च होने का खतरा भी बना रहता है।

साइबर फ्रॉड से भी रहना होगा सतर्क

कम उम्र में डिजिटल भुगतान शुरू करने वाले बच्चों और किशोरों को फिशिंग लिंक, फर्जी ऑफर, ऑनलाइन ठगी और साइबर स्कैम जैसे जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को डिजिटल पेमेंट की सुविधा देने के साथ-साथ साइबर सुरक्षा और वित्तीय जागरूकता की शिक्षा देना भी उतना ही जरूरी है। अभिभावकों की नियमित निगरानी और सही मार्गदर्शन ही डिजिटल भुगतान को सुरक्षित और उपयोगी बना सकता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल पेमेंट ऐप्स बच्चों को वित्तीय जिम्मेदारी सिखाने का अच्छा माध्यम बन सकते हैं, लेकिन इनका उपयोग नियंत्रित और संतुलित तरीके से होना चाहिए। सही मार्गदर्शन के साथ ये प्लेटफॉर्म बच्चों को भविष्य के डिजिटल वित्तीय वातावरण के लिए तैयार कर सकते हैं।

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