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Sunday, June 7, 2026
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दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन जारी,अभिजीत दिपके पहुंचे छात्रों के बीच, शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग तेज

Delhi News: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों और युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, खासकर नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। युवाओं का कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी उनके भविष्य को प्रभावित कर रही है और इस पर तुरंत सुधार जरूरी है।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक की एंट्री

इसी प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके भी वहां पहुंचे। बताया गया कि वे सुबह अमेरिका के बोस्टन से दिल्ली आए और सीधे जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल हो गए। उनके समर्थकों ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था, जिसके बाद उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में परीक्षा से जुड़े विवादों ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को परेशान किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सरकार को छात्रों की चिंताओं का गंभीरता से जवाब देना चाहिए।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों और CJP समर्थकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है और जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक स्थिति में सुधार मुश्किल है।CJP ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस प्रदर्शन का वीडियो भी साझा किया, जिसमें छात्र शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करते हुए नजर आए।

अचानक हुई हल्की झड़प

प्रदर्शन के बीच एक अजीब स्थिति भी देखने को मिली जब एक व्यक्ति ‘हिट’ स्प्रे लेकर वहां पहुंच गया और CJP के खिलाफ नारेबाजी करने लगा। इससे थोड़ी देर के लिए वहां मौजूद लोगों और उस व्यक्ति के बीच बहस हो गई। हालांकि, पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभाल लिया और मामला शांत कर दिया गया। इसके बाद प्रदर्शन फिर से शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा।

युवाओं की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारी लगातार यह मांग कर रहे थे कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाए और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना था कि अगर समय रहते सुधार नहीं किए गए, तो युवाओं का भरोसा व्यवस्था से उठ सकता है।कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत भले ही एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया अभियान के रूप में हुई हो, लेकिन अब इसे युवाओं के एक हिस्से का समर्थन मिलता दिख रहा है, जो इसे एक वैकल्पिक आवाज के रूप में देख रहे हैं।

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