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Sunday, May 17, 2026
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विदेश से लौट रही चोल युग की अमूल्य धरोहर, पीएम मोदी ने कहा, विरासत से जुड़ने का क्षण

Chola Copper Plates to Return to India: करीब 11वीं सदी के ऐतिहासिक चोल ताम्रपत्र अब नीदरलैंड से वापस भारत लाए जाएंगे। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi भी मौजूद रहे। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और इतिहास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम में नीदरलैंड के प्रधानमंत्री Rob Jetten भी शामिल हुए। लंबे समय से विदेश में सुरक्षित रखे गए इन ताम्रपत्रों की वापसी को भारत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

तमिल भाषा और चोल साम्राज्य की झलक

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये चोल ताम्रपत्र 21 बड़ी और 3 छोटी तांबे की पट्टियों का समूह हैं। इन पर ज्यादातर लेख तमिल भाषा में लिखे गए हैं, जिसे उन्होंने दुनिया की सबसे सुंदर भाषाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इन ताम्रपत्रों का संबंध महान राजा राजेंद्र चोल प्रथम से है, जिन्होंने अपने पिता राजाराजा चोल प्रथम के एक मौखिक वचन को औपचारिक रूप दिया था।पीएम मोदी ने कहा कि ये ताम्रपत्र चोल साम्राज्य की ताकत, संस्कृति और समुद्री क्षमता की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि हर भारतीय को चोल वंश की उपलब्धियों और उनकी समृद्ध विरासत पर गर्व है।

लीडेन यूनिवर्सिटी का जताया आभार

प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड सरकार और खास तौर पर Leiden University का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि 19वीं सदी के मध्य से ये ताम्रपत्र यूनिवर्सिटी में सुरक्षित रखे गए थे। भारत सरकार लगातार अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को वापस लाने की कोशिश कर रही है और यह उसी दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

राजा और रानी से हुई खास मुलाकात

नीदरलैंड यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हेग स्थित रॉयल पैलेस ‘हुइस टेन बॉश’ में नीदरलैंड के राजा King Willem-Alexander और रानी Queen Máxima से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने को लेकर बातचीत हुई।प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, व्यापार, जल संसाधन और सस्टेनेबल ग्रोथ जैसे कई अहम क्षेत्रों में भारत और नीदरलैंड के सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

भारत-नीदरलैंड दोस्ती पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड साझा हितों और बेहतर भविष्य के सपने से जुड़े हुए हैं। दोनों देश कई क्षेत्रों में साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत होगी।

रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी मजबूती

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है। इसी दिशा में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी की यह नीदरलैंड की दूसरी यात्रा है और इसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम माना जा रहा है।

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