Bankura News: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में जनाब माफिक की मौत का मामला अब राजनीतिक तौर पर भी गरमाता दिख रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए राज्य सरकार को 10 दिन का समय दिया है। वहीं, ममता बनर्जी गुट के नेताओं ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
ममता बनर्जी ने परिवार को बुलाया
रिपोर्ट के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता बांकुड़ा स्थित अब्दुल हफीज के घर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी का संदेश भी परिवार तक पहुंचाया। परिवार से चार्जशीट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर कालीघाट आने को कहा गया है।
बताया गया कि परिवार की फोन पर ममता बनर्जी से बातचीत भी हुई। उन्होंने परिवार से सभी दस्तावेज लेकर मिलने के लिए कहा और मुश्किल समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।
CJP ने सरकार को दी 10 दिन की मोहलत
दूसरी ओर, CJP नेता आशुतोष रांका अपने सहयोगियों के साथ बांकुड़ा के इंदास इलाके में पहुंचे। उन्होंने अब्दुल हफीज और उसके परिवार से मुलाकात की। रांका ने सरकार से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की।
रांका ने कहा कि सरकार को 10 दिनों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर जरूरी कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने इंदास थाने की पुलिस की भूमिका की अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग भी उठाई है।
CJP ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो जिला प्रशासन कार्यालय का घेराव किया जाएगा और इसके बाद बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जा सकता है।
स्कूल की बदहाली उजागर करने के बाद विवाद
CJP के अनुसार, अब्दुल हफीज ने पार्टी के “स्कूल ठीक करो” अभियान के तहत 13 अगस्त को करिसुंदा वेस्ट पारा प्राथमिक विद्यालय का दौरा किया था। पार्टी का दावा है कि वहां स्कूल के बुनियादी ढांचे की कमियों को दस्तावेजों के जरिए सामने लाने की कोशिश की गई थी।
आरोप है कि उसी शाम हथियारबंद लोग हफीज के घर पहुंचे और उससे एक वीडियो रिकॉर्ड कर माफी मांगने को कहा। कथित तौर पर इनकार करने पर हफीज और उसके पिता जनाब माफिक के साथ डंडों और लोहे की छड़ों से मारपीट की गई।
इलाज के दौरान हुई मौत
CJP के मुताबिक, हमले के दो दिन बाद शनिवार रात बर्दवान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जनाब माफिक की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार की सुरक्षा, आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस की भूमिका की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है। राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ने से यह मुद्दा आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।

