Viral News: प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र में उमर अहमद के काफिले से जुड़ा टोल विवाद अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। पुलिस के मुताबिक, 8 अगस्त को उमर अहमद को सरकारी वाहनों से प्रयागराज ले जाया जा रहा था। इसी दौरान कोटिला अख्तियारी टोल प्लाजा पर उनके काफिले के पीछे चल रही थार, स्कॉर्पियो और दूसरी गाड़ियों को लेकर विवाद हो गया।
टोल प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि कुछ वाहन बिना टोल दिए बैरियर तोड़कर आगे निकल गए। कर्मचारियों ने जब इसका विरोध किया तो उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता और धमकी दी गई।
कर्मचारी को गाड़ी से कुचलने का आरोप
टोल मैनेजर मोहम्मद इसहाक की शिकायत के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 3:04 बजे की है। थार नंबर UP70GW2525 टोल की लेन नंबर-1 में पहुंची। आरोप है कि चालक ने टोल दिए बिना बैरियर खोलने को कहा।
जब कर्मचारी प्रतीक पांडेय ने वाहन रोककर टोल देने की बात कही, तो गाड़ी में बैठे लोगों ने कथित तौर पर गाली-गलौज की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद कर्मचारी पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की गई। कर्मचारी ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
पीछे चल रही स्कॉर्पियो को लेकर भी शिकायत
थार के पीछे काले रंग की स्कॉर्पियो एन भी टोल प्लाजा से गुजरी। इसका नंबर UP70GQ4834 बताया गया है। टोल प्रबंधन का आरोप है कि स्कॉर्पियो में सवार लोगों ने भी टोल मांगने पर कर्मचारियों से कथित तौर पर अभद्रता और धमकी दी।शिकायत के अनुसार, काफिले के साथ कई अन्य वाहन भी थे और इनमें से कुछ ने टोल भुगतान किए बिना रास्ता पार किया।
इन धाराओं में दर्ज हुई FIR
मामले में टोल मैनेजर ने 9 अगस्त को हथिगवां थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने BNS की धारा 281, 109(1), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
अब पुलिस FIR में दर्ज वाहन नंबरों के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान करने में जुटी है। मामले में शामिल लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है।
CCTV फुटेज से खुलेगा पूरा राज
पुलिस के लिए टोल प्लाजा का CCTV फुटेज इस मामले में अहम सबूत हो सकता है। फुटेज से यह साफ हो सकता है कि घटना के समय कौन-कौन से वाहन वहां मौजूद थे और बैरियर कैसे क्षतिग्रस्त हुआ।
प्रतापगढ़ पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल टोलकर्मियों के आरोपों की पुलिस स्तर पर जांच हो रही है।

