Uttar Pradesh News: कहते हैं कि उम्र सिर्फ एक नंबर होती है और अगर मन में कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती। इस बात को उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के 68 वर्षीय मोहन सिंह आर्य ने सच कर दिखाया है। उम्र के जिस पड़ाव पर अधिकतर लोग आराम करना पसंद करते हैं, वहां मोहन सिंह ट्रैक पर दौड़कर नए रिकॉर्ड और मिसाल कायम कर रहे हैं। उन्होंने लखनऊ में आयोजित 34वीं उत्तर प्रदेश मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में तीन पदक अपने नाम किए हैं।
400 मीटर में गोल्ड, 10 हजार मीटर में सिल्वर
गांव मंस्या खुर्द के रहने वाले मोहन सिंह आर्य ने प्रतियोगिता के 65 प्लस आयु वर्ग में हिस्सा लिया। लखनऊ विश्वविद्यालय के खेल मैदान पर 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित इस चैंपियनशिप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।
मोहन सिंह ने 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर पहला स्थान हासिल किया। वहीं, 10 हजार मीटर की लंबी दौड़ में उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया। इसके अलावा 5 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर अपनी उपलब्धियों में एक और कामयाबी जोड़ ली। इस तरह उन्होंने प्रतियोगिता में कुल तीन पदक हासिल किए।
BSNL से रिटायरमेंट के बाद भी खेल से जुड़ाव
मोहन सिंह आर्य भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) में आगरा के मुख्य लेखाधिकारी के पद पर कार्यरत थे। नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद भी उन्होंने खेलों से अपना रिश्ता नहीं तोड़ा। वह लगातार अभ्यास करते हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते रहते हैं।
उनकी उपलब्धियां केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं हैं। वह कई देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और वहां स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
उम्र नहीं, हौसला तय करता है कामयाबी
मोहन सिंह आर्य का मानना है कि खेलों में उम्र कभी बाधा नहीं बनती। अगर इंसान नियमित अभ्यास करे और खुद को सक्रिय रखे तो बढ़ती उम्र में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
उनका कहना है कि अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए नियमित खेल और शारीरिक गतिविधियां बेहद जरूरी हैं। उनकी यह उपलब्धि उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो उम्र बढ़ने के साथ अपनी फिटनेस और खेलकूद को पीछे छोड़ देते हैं। मोहन सिंह ने साबित कर दिया है कि जुनून और मेहनत के दम पर 68 साल की उम्र में भी जीत की दौड़ जारी रखी जा सकती है।

