कुलसचिव ने जारी किया आदेश
विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. Bhavna Mishra की ओर से बुधवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया गया। आदेश में कहा गया है कि अक्सर यह देखा गया है कि विश्वविद्यालय परिसर में कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षक पान, मसाला, गुटखा और अन्य मादक पदार्थों का सेवन करते हैं। प्रशासन के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां न केवल कार्यालय की मर्यादा के खिलाफ हैं, बल्कि कर्मचारी और शिक्षक आचरण नियमावली का भी उल्लंघन करती हैं।
पहली बार पकड़े जाने पर लगेगा ₹500 जुर्माना
नए आदेश के तहत यदि कोई कर्मचारी, शिक्षक या अधिकारी विश्वविद्यालय परिसर में पान, मसाला, गुटखा या मादक पदार्थ का सेवन करते पकड़ा जाता है, तो उस पर तुरंत 500 रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इस नियम का उद्देश्य परिसर में साफ-सफाई बनाए रखना और पेशेवर माहौल को बेहतर बनाना है।
तीन बार गलती दोहराने पर होगी कार्रवाई
विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि कोई व्यक्ति तीन बार से अधिक इस नियम का उल्लंघन करते पाया गया, तो उसके खिलाफ विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसमें सेवा नियमों के तहत कार्रवाई, चेतावनी या अन्य प्रशासनिक कदम शामिल हो सकते हैं।
परिसर की गरिमा बनाए रखने पर जोर
प्रशासन का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन और स्वस्थ वातावरण बेहद जरूरी है। पान और गुटखे के सेवन से न केवल परिसर गंदा होता है, बल्कि यह छात्रों और अन्य कर्मचारियों के लिए भी गलत संदेश देता है। इसलिए विश्वविद्यालय ने सभी कर्मचारियों, शिक्षकों और अधिकारियों से नियमों का पालन करने और परिसर को स्वच्छ व अनुशासित बनाए रखने की अपील की है।
स्वच्छ और अनुशासित माहौल की दिशा में कदम
University of Lucknow का यह फैसला परिसर में बेहतर कार्य संस्कृति और साफ-सुथरे वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस फैसले से परिसर में अनुशासन और स्वच्छता दोनों में सुधार देखने को मिलेगा।