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शनिवार, अगस्त 29, 2026
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लखनऊ में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत के बाद हड़कंप, 17 डॉक्टर-कर्मचारियों के सैंपल KGMU भेजे

Lucknow News: लखनऊ में स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत हुई थी। अब उसके इलाज में शामिल 17 डॉक्टरों और कर्मचारियों के सैंपल जांच के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) भेजे गए हैं।

बताया जा रहा है कि इलाज के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को महिला के स्वाइन फ्लू पॉजिटिव होने की जानकारी नहीं थी। महिला की मौत के बाद परिवार की ओर से रिपोर्ट सामने आने पर अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद इलाज में शामिल कर्मचारियों को सतर्क किया गया और उनकी जांच कराने का फैसला लिया गया।

डॉक्टरों और कर्मचारियों को आइसोलेशन की सलाह

अस्पताल प्रशासन ने महिला के संपर्क में आए डॉक्टरों और कर्मचारियों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। उन्हें अपने स्वास्थ्य पर नजर रखने और स्वाइन फ्लू से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने को कहा गया है।

KGMU से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि महिला के संपर्क में आए किसी स्वास्थ्यकर्मी में संक्रमण हुआ है या नहीं। फिलहाल अस्पताल में संक्रमण को रोकने के लिए जरूरी सावधानियां बढ़ा दी गई हैं।

चेस्ट वार्ड को बनाया गया स्वाइन फ्लू आइसोलेशन वार्ड

बलरामपुर अस्पताल में स्वाइन फ्लू के एक अन्य संक्रमित मरीज के भर्ती होने के बाद अलग व्यवस्था की गई है। अस्पताल के निदेशक डॉ. बीकेएस चौहान के अनुसार, 11 नंबर चेस्ट वार्ड को स्वाइन फ्लू आइसोलेशन वार्ड के तौर पर तैयार किया गया है।

संक्रमित मरीज को इसी वार्ड में भर्ती किया गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि संक्रमण को दूसरे मरीजों और कर्मचारियों तक पहुंचने से रोकने के लिए एसओपी यानी मानक संचालन प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।

लखनऊ में बढ़ रहे संक्रमण ने बढ़ाई चिंता

स्वाइन फ्लू के मामलों के बीच लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ गई है। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में भी स्वाइन फ्लू और कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने की जानकारी है।

बलरामपुर अस्पताल में महिला की मौत और एक अन्य संक्रमित मरीज के भर्ती होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी है। संदिग्ध और संक्रमित मरीजों को सामान्य मरीजों से अलग रखने की व्यवस्था की जा रही है।

फिलहाल डॉक्टरों और कर्मचारियों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि महिला के संपर्क में आने से किसी स्वास्थ्यकर्मी में संक्रमण फैला है या नहीं।

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