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Saturday, May 9, 2026
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UGC रेगुलेशन को लेकर लखनऊ में बवाल, हजारों समर्थकों संग सड़क पर उतरीं डॉ. पल्लवी पटेल

UGC Regulation 2026 Protest in lucknow: राजधानी लखनऊ में शनिवार को अपना दल कमेरावादी पार्टी की ओर से यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लागू करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व सिराथू से विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने किया। हजारों समर्थकों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ निकाले गए इस मार्च ने शहर में काफी हलचल पैदा कर दी।

चारबाग स्टेशन पर बढ़ा तनाव

प्रदर्शनकारी चारबाग रेलवे स्टेशन से मार्च निकालते हुए आगे बढ़ रहे थे। पुलिस ने आरक्षण केंद्र के पास बैरिकेडिंग लगाकर जुलूस को रोकने की कोशिश की। इससे प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब डॉ. पल्लवी पटेल समर्थकों के साथ रेलवे ट्रैक पर उतर गईं और चक्का जाम कर दिया।इस दौरान दिल्ली से अयोध्या जा रही वंदे भारत ट्रेन को आउटर पर रोकना पड़ा, जिससे ट्रेन करीब एक घंटे देरी से चली। स्टेशन पर यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

रेलवे इंजन पर चढ़ीं विधायक

प्रदर्शन के दौरान एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब डॉ. पल्लवी पटेल रेलवे इंजन पर चढ़ गईं। पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें नीचे उतारा। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। बाद में विधायक समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।

“सामाजिक न्याय के लिए लड़ाई जारी रहेगी”

प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 लागू करो”, “सबको शिक्षा, सबको सम्मान” और “शिक्षण संस्थानों में भेदभाव बंद करो” जैसे नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लेकर लोग लगातार सामाजिक न्याय की मांग करते रहे।डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति, धर्म, लिंग और सामाजिक आधार पर भेदभाव की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 को जानबूझकर कानूनी प्रक्रियाओं में उलझाया जा रहा है, ताकि वंचित वर्गों को मिलने वाले अधिकार कमजोर पड़ जाएं।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

विधायक ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार “फूट डालो और राज करो” की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सामाजिक समानता जैसे मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाया जा रहा है।उन्होंने रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी और पायल तड़वी जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत नियम जरूरी हैं। डॉ. पल्लवी पटेल ने साफ कहा कि सामाजिक न्याय और समान शिक्षा के अधिकार के लिए उनकी लड़ाई अंतिम दम तक जारी रहेगी।

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