Viral News: आज के समय में नौकरी पाने के लिए ज्यादातर उम्मीदवार इंटरव्यू में वही बोलने की कोशिश करते हैं जो सामने वाला सुनना चाहता है। लेकिन एक 25 साल के युवक ने ऐसा बिल्कुल नहीं किया। उसने इंटरव्यू के दौरान साफ शब्दों में कह दिया कि वह शनिवार को काम नहीं करेगा। हैरानी की बात यह रही कि उसकी इस बात से कंपनी नाराज नहीं हुई, बल्कि उसी ईमानदारी ने उसे नौकरी दिला दी।
इंटरव्यू में रखी अपनी शर्त
कंपनी के फाउंडर अभिषेक अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर इस अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि इंटरव्यू शुरू होने के दौरान ही उम्मीदवार ने कहा कि वह शनिवार को काम नहीं कर पाएगा। उसने साफ कहा कि उससे वीकेंड में ऑफिस आने की उम्मीद न रखी जाए।यह सुनकर किसी भी इंटरव्यूअर को लग सकता था कि उम्मीदवार जरूरत से ज्यादा शर्तें रख रहा है, लेकिन आगे की बातचीत ने पूरी तस्वीर बदल दी।
वर्क-लाइफ बैलेंस को बताया जरूरी
जब अभिषेक ने पूछा कि शनिवार क्यों नहीं, तो उम्मीदवार ने कहा कि नौकरी के अलावा भी जिंदगी होती है। वह गिटार बजाता है, क्रिकेट खेलता है और अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहता है।
अभिषेक ने जवाब दिया कि ये सब शाम 7 बजे के बाद या रविवार को भी किया जा सकता है। लेकिन उम्मीदवार अपनी बात पर कायम रहा।
यूएस का दिया उदाहरण
युवक ने कहा कि उसका भाई अमेरिका में रहता है, जहां अधिकतर लोग सोमवार से शुक्रवार तक ही काम करते हैं। उसका तर्क था कि अगर अमेरिका पांच दिन काम करके दुनिया के सबसे विकसित देशों में शामिल हो सकता है, तो भारत में भी बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस संभव है।उसकी यह बात केवल बहाना नहीं थी, बल्कि सोच-समझकर रखा गया तर्क था।
इसी ईमानदारी ने दिलाई नौकरी
अभिषेक अग्रवाल के अनुसार, उम्मीदवार ने उन्हें खुश करने के लिए कोई बनावटी जवाब नहीं दिया। उसने वही कहा जो वह सच में मानता था। यही बात उन्हें सबसे ज्यादा पसंद आई और उन्होंने उसे नौकरी पर रख लिया।
दिलचस्प बात यह रही कि नौकरी मिलने के बाद उसी कर्मचारी ने शानदार प्रदर्शन किया। वह कंपनी के सबसे अच्छे कर्मचारियों में शामिल हुआ और कई साथियों से बेहतर साबित हुआ।
क्या सीख मिलती है?
यह कहानी बताती है कि इंटरव्यू में हर बार सिर्फ सामने वाले को खुश करना जरूरी नहीं होता। अगर आपकी बात ईमानदार, स्पष्ट और तर्कसंगत है, तो कई कंपनियां उसे सकारात्मक नजरिए से भी देखती हैं। आज के दौर में वर्क-लाइफ बैलेंस और पारदर्शिता भी एक अच्छे प्रोफेशनल की पहचान मानी जा रही है।

