Haryana News: फरीदाबाद से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां 26 वर्षीय युवक प्रवेश की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि प्रवेश अपनी मां की मौत के बाद से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। उसकी मां कैंसर से पीड़ित थीं और करीब डेढ़ महीने पहले उनका निधन हुआ था।
रक्षाबंधन के दिन प्रवेश ने अपनी बहन से राखी बंधवाई। परिवार के लिए यह दिन सामान्य तरीके से शुरू हुआ था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि इसके बाद इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
पिता के लिए खुद बनाया खाना
परिवार के मुताबिक, राखी बंधवाने के बाद प्रवेश ने शाम को अपने पिता के लिए खाना बनाया। उसने खाना खुद परोसा भी। अगले दिन शनिवार को भी वह कुछ समय तक परिवार के साथ रहा।
खाना खाने के बाद प्रवेश ने पिता से कहा कि वह थोड़ी देर के लिए बाहर जा रहा है और जल्द वापस आ जाएगा। घर से निकलते समय उसने पिता से 100 रुपये भी लिए थे। परिवार को उस वक्त किसी अनहोनी का अंदाजा नहीं था।
देर रात तक नहीं लौटा तो परिवार ने तलाश शुरू की
जब प्रवेश देर रात तक घर नहीं पहुंचा तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में उसे खोजा गया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
अगली सुबह रेलवे पुलिस ने परिवार को एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत की जानकारी दी। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद परिवार ने मृतक की पहचान प्रवेश के रूप में की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बाटा स्टेशन के पास दो युवकों की भी मौत
फरीदाबाद में एक अन्य दर्दनाक रेल हादसे में 20 वर्षीय सौरभ और 17 वर्षीय जितेश की भी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों उत्तर प्रदेश के बदायूं के रहने वाले बताए गए हैं और कृष्णा कॉलोनी की झुग्गी बस्ती में रहते थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों रेलवे ट्रैक के पास बैठकर ईयरफोन लगाए मोबाइल पर वीडियो देख रहे थे। इसी दौरान दिल्ली-आगरा रेलमार्ग की चौथी लाइन से सुपरफास्ट ट्रेन गुजरी। लोगों ने उन्हें आवाज देकर हटने की कोशिश की और लोको पायलट ने भी हॉर्न दिया, लेकिन दोनों का ध्यान ट्रेन की ओर नहीं गया।

