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सोमवार, जून 29, 2026
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UP Ayushman Card 2026: 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों को बड़ा तोहफा, अब आय के बिना भी मिलेगा आयुष्मान कार्ड,जानें पूरी डिटेल

UP Ayushman Card 2026: अगर आपने अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाया है तो आपके लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार राज्यभर में विशेष कैंप लगाकर पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बना रही है। यह अभियान 14 अगस्त तक जारी रहेगा। इस कार्ड की मदद से पात्र परिवारों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी हर जरूरी जानकारी।

कौन बनवा सकता है आयुष्मान कार्ड?

आयुष्मान भारत योजना का लाभ मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दिया जाता है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार, भूमिहीन मजदूर, अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST), रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, घरेलू कामगार और अन्य पात्र श्रमिक शामिल हैं।इसके अलावा सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी योजना में शामिल किया है, चाहे उनकी आय कितनी भी हो।

पात्रता कैसे चेक करें?

आप घर बैठे भी अपनी पात्रता जांच सकते हैं। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के आधिकारिक पोर्टल पर मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। राज्य, जिला और आधार या राशन कार्ड नंबर दर्ज करके आसानी से पता लगाया जा सकता है कि आपका नाम सूची में है या नहीं।अगर आपका नाम पात्रता सूची में दिखाई देता है, तो आप तुरंत आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं।

घर बैठे ऐसे करें आवेदन

आयुष्मान ऐप डाउनलोड करके मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करें। इसके बाद PM-JAY योजना चुनें, अपना राज्य और जिला भरें। आधार या राशन कार्ड नंबर से परिवार के सदस्य का नाम खोजें और e-KYC पूरा करें।

फेस ऑथेंटिकेशन या आधार OTP के जरिए पहचान सत्यापित करने के बाद फोटो अपलोड करें और जरूरी जानकारी भरकर आवेदन सबमिट कर दें। मंजूरी मिलने के बाद कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।

कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?

आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए मुख्य रूप से इन दस्तावेजों की जरूरत होती है,आधार कार्ड,राशन कार्ड,आधार से लिंक मोबाइल नंबर,अच्छी बात यह है कि इसके लिए आय प्रमाण पत्र या जाति प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होती।

कार्ड बनवाने में कितना खर्च आएगा?

अगर आप अधिकृत अस्पताल या जन सेवा केंद्र से कार्ड बनवाते हैं, तो सरकार ने अधिकतम 30 रुपये शुल्क तय किया है। इसमें कार्ड का प्रिंट और लैमिनेशन भी शामिल है।

ध्यान रखें कि यह राशि तभी देनी होगी जब कार्ड सफलतापूर्वक बन जाए। यदि आवेदन रिजेक्ट हो जाता है, तो कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

5 लाख से ज्यादा इलाज का खर्च होने पर क्या होगा?

अगर किसी गंभीर बीमारी में इलाज का खर्च 5 लाख रुपये से अधिक हो जाता है, तो मरीज को चिंता करने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में राज्य सरकार मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के जरिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का प्रावधान रखती है।

कार्ड में गलती हो जाए तो कैसे सुधारें?

अगर कार्ड में नाम, पता या अन्य जानकारी गलत दर्ज हो गई है, तो उसे बेनिफिशियरी डेटा मैनेजमेंट पोर्टल के माध्यम से अपडेट कराया जा सकता है। संबंधित अधिकारियों के सत्यापन के बाद आपका कार्ड संशोधित कर दिया जाएगा।

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