Bijnor News: Bijnor में इस साल हरियाली को बढ़ाने के लिए बड़ा पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। जिले में 65 लाख से अधिक पौधे लगाने की तैयारी की जा रही है। इसका उद्देश्य न सिर्फ हरियाली बढ़ाना है, बल्कि जैव विविधता को भी मजबूत करना है।
वन विभाग और अन्य विभागों की बड़ी पहल
वन विभाग और उद्यान विभाग की नर्सरियों में इन पौधों को तैयार किया जा रहा है। जैसे ही बारिश का मौसम शुरू होगा, पूरे जिले में पौधारोपण का काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।इस अभियान में सिर्फ वन विभाग ही नहीं, बल्कि कई अन्य विभाग भी शामिल हैं। ग्राम्य विकास, कृषि, उद्यान, नगर विकास, सिंचाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विभाग भी अपने-अपने लक्ष्य के अनुसार पौधे लगाएंगे।इस बार कुल मिलाकर 65 लाख से अधिक पौधे लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें विभिन्न विभागों की भागीदारी तय की गई है।
क्यों जरूरी है यह पौधारोपण अभियान?
बिजनौर पहले से ही प्राकृतिक रूप से समृद्ध जिला माना जाता है। यहां घने वन क्षेत्र, नदियां और कई तरह के वन्यजीव पाए जाते हैं। जिले में बाघ, हाथी, गुलदार, हिरन और 330 से अधिक पक्षी प्रजातियां मौजूद हैं।नदियों में घड़ियाल, मगरमच्छ और डॉल्फिन जैसी प्रजातियां भी पाई जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी जैव विविधता पेड़ों और हरियाली पर ही निर्भर है। जितने ज्यादा पेड़ होंगे, उतना ही पर्यावरण संतुलित रहेगा।
कहां लगाए जाएंगे पौधे?
पौधे मुख्य रूप से खादर क्षेत्रों, ग्राम समाज की जमीन और खेतों में लगाए जाएंगे। किसानों को भी पौधे दिए जाएंगे ताकि वे अपने खेतों में हरियाली बढ़ा सकें।
विभागों का लक्ष्य (संक्षेप में)
वन विभाग बिजनौर: 14 लाख पौधे,
नजीबाबाद वन प्रभाग: 10.77 लाख पौधे,
कृषि विभाग: 5.02 लाख पौधे,
उद्यान विभाग: 3.11 लाख पौधे,
ग्राम्य विकास विभाग: 2.91 लाख पौधे,
अन्य विभाग मिलाकर हजारों पौधे
अधिकारियों की अपील
वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सिर्फ पौधे लगाएं ही नहीं, बल्कि उनका संरक्षण भी करें। डीएफओ जय सिंह कुशवाहा ने कहा कि बरसात के मौसम में यह अभियान और तेज किया जाएगा और जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है।यह अभियान न सिर्फ पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक कदम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा भविष्य तैयार करने की कोशिश भी है।

