Atal Pension Yojana में आम तौर पर 60 साल की उम्र तक योगदान जारी रखने पर सरकार की ओर से गारंटीड पेंशन का लाभ मिलता है। हालांकि, PFRDA के मौजूदा नियमों के अनुसार 60 साल से पहले voluntary exit की अनुमति है।
इस स्थिति में APY अकाउंट बंद कर दिया जाता है और जमा राशि नियमों के अनुसार वापस की जाती है। हालांकि, समय से पहले बाहर निकलने पर 60 साल के बाद मिलने वाली गारंटीड पेंशन का लाभ नहीं मिलता।
कितना पैसा वापस मिलेगा?
अगर कोई सब्सक्राइबर 60 साल से पहले APY से voluntary exit करता है, तो उसे उसके द्वारा जमा किए गए योगदान के साथ उस योगदान पर अर्जित आय वापस की जाती है। इसमें निर्धारित अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज घटाए जाते हैं।
यानी वापस मिलने वाली रकम केवल जमा किए गए कुल योगदान तक सीमित नहीं होती। उस योगदान से अर्जित वास्तविक आय भी इसमें शामिल होती है, लेकिन लागू शुल्क काटे जाते हैं।
Government Co-Contribution का क्या होगा?
यह नियम खास तौर पर उन पुराने APY खातों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनमें सब्सक्राइबर को Government Co-Contribution मिला था।
PFRDA के अनुसार, अगर ऐसे सब्सक्राइबर 60 साल से पहले voluntary exit करते हैं, तो उन्हें Government Co-Contribution और उस पर अर्जित आय वापस नहीं मिलती। केवल उनके स्वयं के योगदान और उस पर अर्जित आय, लागू शुल्क घटाने के बाद, वापस की जाती है।
60 साल तक जारी रखने पर क्या फायदा?
APY को 60 साल की उम्र तक जारी रखने पर सब्सक्राइबर को सरकार की ओर से गारंटीड न्यूनतम मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। पेंशन की निर्धारित श्रेणियां ₹1,000, ₹2,000, ₹3,000, ₹4,000 और ₹5,000 प्रति माह हैं।
सब्सक्राइबर की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी को समान पेंशन मिलती है। दोनों की मृत्यु के बाद नामित व्यक्ति को पेंशन वेल्थ का लाभ मिलता है।
APY बंद करने की प्रक्रिया
Voluntary exit के लिए सब्सक्राइबर को संबंधित बैंक शाखा में निर्धारित Account Closure Request जमा करनी होती है। बैंक आवेदन और हस्ताक्षर का सत्यापन करता है, जिसके बाद क्लोजर रिक्वेस्ट APY सिस्टम में प्रोसेस की जाती है। स्वीकृति के बाद निर्धारित रकम APY में रजिस्टर्ड बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
इसलिए APY को 60 साल से पहले बंद करने से पहले यह समझना जरूरी है कि इससे भविष्य की गारंटीड पेंशन का लाभ समाप्त हो जाएगा।

