Delhi-NCR Air Pollution: राजधानी Delhi में गर्मी बढ़ने के साथ ही हवा की गुणवत्ता भी खराब होने लगी है। गुरुवार को इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया और इसके साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 226 तक पहुंच गया। प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में पहुंचते ही Commission for Air Quality Management (CAQM) ने पूरे Delhi-NCR क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी GRAP का पहला चरण लागू कर दिया है।
गर्मी बढ़ते ही बिगड़ी हवा की सेहत
मौसम में अचानक आई गर्मी और धूल भरी हवाओं के कारण राजधानी में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है। AQI के 201 से 300 के बीच पहुंचने पर हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में मानी जाती है। इसी स्थिति को देखते हुए GRAP-1 लागू किया गया, ताकि प्रदूषण को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।
क्या है GRAP और इसके चार चरण?
GRAP एक आपातकालीन कार्य योजना है, जिसे Delhi-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किया जाता है। इसे चार चरणों में विभाजित किया गया है—
AQI 201–300: GRAP-1
AQI 301–400: GRAP-2
AQI 401–450: GRAP-3
AQI 450 से ऊपर: GRAP-4
हर चरण के साथ पाबंदियां सख्त होती जाती हैं।
होटल और ढाबों में कोयले-लकड़ी पर रोक
GRAP-1 लागू होते ही खुले में कोयले और लकड़ी से चलने वाले तंदूरों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को गैस या बिजली आधारित विकल्प अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान भी है।
डीजल जनरेटर और निर्माण कार्यों पर सख्ती
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए डीजल जनरेटर के उपयोग पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। केवल आवश्यक सेवाओं में ही इनके इस्तेमाल की अनुमति है। वहीं निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के लिए सामग्री ढककर रखने और नियमित पानी के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का पालन न करने पर निर्माण कार्य रोके जा सकते हैं।
खुले में कचरा जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध
GRAP-1 के दौरान खुले में कचरा जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। स्थानीय निकायों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सड़कों पर मशीनों से सफाई और पानी का छिड़काव तेज कर दिया गया है, ताकि धूल के स्तर को कम किया जा सके।

