Entertainment News: सोमवार को बरेली एयरपोर्ट पर उस समय अचानक हलचल तेज हो गई, जब बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार, अभिनेत्री दिशा पाटनी और भोजपुरी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री अक्षरा सिंह प्राइवेट जेट से वहां पहुंचे। सितारों के आने की खबर मिलते ही एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और हर किसी के बीच उन्हें देखने की उत्सुकता नजर आने लगी।हालांकि इन सितारों का बरेली में रुकने का समय काफी कम था। वे एयरपोर्ट पर महज करीब 5 मिनट ही रुके और इसके बाद हेलीकॉप्टर से मुरादाबाद के लिए रवाना हो गए।
फिल्म प्रमोशन के लिए मुरादाबाद जा रही थी टीम
जानकारी के अनुसार, अक्षय कुमार की आगामी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ के प्रमोशन के सिलसिले में पूरी टीम मुरादाबाद पहुंच रही थी। बरेली एयरपोर्ट को इस यात्रा के दौरान ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किया गया।प्राइवेट विमान से उतरने के बाद अक्षय कुमार, दिशा पाटनी और अक्षरा सिंह सीधे हेलीकॉप्टर की तरफ गए। उनकी पूरी यात्रा पहले से तय थी और समय को देखते हुए उन्होंने एयरपोर्ट पर ज्यादा देर रुकना उचित नहीं समझा।
दिशा पाटनी और उनके पिता के साथ दिखा खास पल
इस छोटी सी यात्रा के दौरान एक भावुक और खास पल भी देखने को मिला। बरेली पहुंचने पर दिशा पाटनी ने अपने पिता जगदीश पाटनी की मुलाकात अक्षय कुमार से कराई। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच कुछ समय तक बातचीत हुई और माहौल काफी सामान्य और पारिवारिक रहा।एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों के लिए यह पल काफी खास था क्योंकि उन्हें इतने बड़े सितारों को करीब से देखने का मौका मिला।
सुरक्षा व्यवस्था रही सख्त
सितारों के आगमन की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। CISF जवानों और स्थानीय पुलिस ने पूरे परिसर की निगरानी संभाली हुई थी। सुरक्षा कारणों की वजह से आम लोगों को कलाकारों के करीब आने की अनुमति नहीं दी गई।से भी किसी कलाकार ने बातचीत नहीं की और पूरा दौरा बेहद गोपनीय तरीके से पूरा किया गया।
‘वेलकम टू द जंगल’ को लेकर फैंस में उत्साह
अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही काफी चर्चा है। फिल्म में कई बड़े कलाकार नजर आने वाले हैं और इसकी कॉमेडी को लेकर फैंस उत्साहित हैं।बरेली में भले ही इन सितारों का ठहराव सिर्फ कुछ मिनटों का रहा, लेकिन उनकी मौजूदगी ने एयरपोर्ट का माहौल पूरी तरह बदल दिया। कुछ ही पलों की यह यात्रा वहां मौजूद लोगों के लिए यादगार बन गई।

