Bollywood News: बॉलीवुड के पुराने चर्चित रिश्तों में संजय खान और जीनत अमान का नाम हमेशा सुर्खियों में रहा है। इस रिश्ते ने सिर्फ फिल्मी गलियारों में ही नहीं, बल्कि संजय खान के परिवार में भी गहरा असर छोड़ा। अब कई साल बाद उनकी बेटी फराह खान अली ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
एक इंटरव्यू में फराह ने बताया कि उस समय वह सिर्फ 9-10 साल की थीं, इसलिए उन्हें घटनाओं की बहुत ज्यादा याद नहीं है। हालांकि उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल कई दावों को गलत बताते हुए अपनी बात रखी।
मां जरीन खान के लिए बेहद मुश्किल था वह दौर
फराह खान अली ने स्वीकार किया कि जीनत अमान और संजय खान के रिश्ते की खबरों ने उनकी मां जरीन खान को गहरा मानसिक आघात पहुंचाया था। उन्होंने बताया कि छोटे भाई जायद खान के जन्म के कुछ समय बाद उनकी मां करीब तीन महीने के लिए घर छोड़कर चली गई थीं।
फराह के मुताबिक, जब उनकी मां वापस लौटीं तो वह पहले से कहीं ज्यादा आत्मनिर्भर, मजबूत और आत्मविश्वासी बन चुकी थीं। उनका मानना है कि यही बदलाव उनके पिता के लिए भी एक बड़ा सबक साबित हुआ और परिवार दोबारा साथ आ सका।
घरेलू हिंसा के आरोपों पर फराह ने दिया जवाब
फराह खान अली ने उन आरोपों को भी खारिज किया जिनमें कहा जाता रहा कि संजय खान ने जीनत अमान के साथ मारपीट की थी। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने कभी उनकी मां या बेटियों पर हाथ नहीं उठाया और वह उन्हें हिंसक इंसान नहीं मानतीं।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही कई बातें तथ्यों से मेल नहीं खातीं और बिना पूरी जानकारी के ऐसी कहानियां फैलाना सही नहीं है।
जीनत अमान की आंख की चोट पर भी रखा पक्ष
फराह ने दावा किया कि उनकी मां के अनुसार जीनत अमान की आंख से जुड़ी समस्या का संबंध एक पारिवारिक (जेनेटिक) बीमारी से था। उन्होंने कहा कि मीडिया में वर्षों से जो बातें कही जाती रही हैं, वे पूरी तरह सही नहीं हैं।हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग समय पर अलग दावे सामने आते रहे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मां ने कभी किसी को दोष नहीं दिया
फराह ने बताया कि उनकी मां जरीन खान ने कभी जीनत अमान के खिलाफ कड़वाहट नहीं रखी। उन्होंने बच्चों से भी यही कहा था कि किसी रिश्ते में आकर्षण दोनों तरफ से हो सकता है और केवल एक व्यक्ति को दोष देना उचित नहीं है।
फराह के अनुसार, उनकी मां हमेशा गरिमा और सम्मान के साथ अपनी जिंदगी जीती रहीं और उन्होंने कभी सार्वजनिक रूप से किसी की बुराई नहीं की।

