spot_img
Sunday, May 31, 2026
-विज्ञापन-

More From Author

जयंती पर भावुक हुए महेश बाबू, पिता घट्टामनेनी कृष्णा को याद कर लिखा- ‘आप हमेशा मेरे हीरो रहेंगे’

Entertainment News: तेलुगु सिनेमा के सुपरस्टार महेश बाबू ने अपने दिवंगत पिता और दिग्गज अभिनेता घट्टामनेनी कृष्णा की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस खास मौके पर महेश ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपने पिता के प्रति प्यार और सम्मान व्यक्त किया। उनकी यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई और प्रशंसकों के दिलों को छू गई।

सोशल मीडिया पर साझा किया खास संदेश

महेश बाबू ने अपने पिता की एक यादगार तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “Forever My Hero, Nanna” यानी “आप हमेशा मेरे हीरो रहेंगे, पिताजी।” भले ही यह संदेश छोटा था, लेकिन इसमें एक बेटे की भावनाएं साफ झलक रही थीं। महेश की इस पोस्ट पर लाखों प्रशंसकों ने प्रतिक्रिया दी और कृष्णा को श्रद्धांजलि अर्पित की।महेश बाबू अक्सर अपने पिता को याद करते रहते हैं और कई मौकों पर उनके साथ बिताए गए खास पलों को साझा करते हैं। इस बार भी उनकी पोस्ट ने पिता-पुत्र के गहरे रिश्ते को बखूबी दर्शाया।

तेलुगु सिनेमा के महानायक थे कृष्णा

घट्टामनेनी कृष्णा तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारों में से एक थे। उन्होंने अपने लंबे करियर में सैकड़ों फिल्मों में अभिनय किया और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। कृष्णा को तेलुगु सिनेमा में नए प्रयोग करने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए भी याद किया जाता है।उनकी फिल्मों ने न केवल मनोरंजन किया बल्कि आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को भी प्रेरित किया। यही कारण है कि आज भी उन्हें तेलुगु सिनेमा के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में गिना जाता है।

पिता से मिली प्रेरणा

महेश बाबू कई बार बता चुके हैं कि उनके पिता उनके सबसे बड़े प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने अपने पिता से मेहनत, अनुशासन और विनम्रता जैसे गुण सीखे। फिल्मी करियर हो या निजी जीवन, कृष्णा की सीख महेश के लिए हमेशा मार्गदर्शक रही है।महेश का मानना है कि उनके पिता की विरासत केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके विचार और मूल्य भी परिवार और प्रशंसकों के बीच आज जीवित हैं।

प्रशंसकों ने भी किया याद

कृष्णा की जयंती पर सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने भी उन्हें याद किया। कई लोगों ने उनकी फिल्मों के दृश्य, तस्वीरें और वीडियो साझा किए। वहीं, महेश बाबू की पोस्ट ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पिता और पुत्र के बीच का रिश्ता समय के साथ और भी अमर हो जाता है।कृष्णा भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें, उनका योगदान और उनका प्रेरणादायक व्यक्तित्व हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा।

Latest Posts

-विज्ञापन-

Latest Posts