Sonu Sood Reaction on Lucknow Coaching Fire: लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे पर बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने भावुक संदेश में अभिनेता ने कहा कि कक्षाएं बच्चों के सपनों को आकार देने के लिए होती हैं, न कि उनकी जिंदगी का अंतिम पड़ाव बनने के लिए।
सोनू सूद ने जताया गहरा दुख
सोनू सूद ने अपने पोस्ट में लिखा कि लखनऊ अग्निकांड ने उनका दिल तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में केवल बच्चों की जान नहीं गई, बल्कि भविष्य के अधिकारी, कलाकार, नेता और समाज में बदलाव लाने वाले कई सपने भी हमेशा के लिए खत्म हो गए।
अभिनेता ने लिखा, “क्लासरूम वो जगह हैं जहां सपने बुने जाते हैं, न कि जहां बच्चों की जिंदगी का अंत हो। लखनऊ अग्निकांड से मेरा दिल टूट गया है। कितनी ही नन्ही जिंदगियां और कितने ही सपने इस हादसे में खत्म हो गए।”
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील
सोनू सूद ने कहा कि पीड़ित परिवारों के दर्द को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने सभी प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि समाज को केवल शोक व्यक्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम करना चाहिए।
उन्होंने लिखा कि हम इन बच्चों के प्रति केवल आंसुओं के नहीं, बल्कि सुरक्षित संस्थान और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के भी ऋणी हैं, ताकि भविष्य में ऐसी कोई त्रासदी दोबारा न हो।
सोशल मीडिया पर लोगों ने भी जताया दुख
सोनू सूद के पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए हादसे पर दुख जताया। कई यूजर्स ने लिखा कि इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। लोगों ने मांग की कि कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों और अन्य शैक्षणिक परिसरों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए।
हादसे के बाद मची थी अफरातफरी
अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में आग लगने के बाद परिसर में अफरातफरी मच गई थी। कई छात्र इमारत के अंदर फंस गए थे। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। फायरकर्मियों ने दीवार तोड़कर कई छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ छात्र आग और धुएं से बचने के लिए ऊपरी मंजिलों से कूदने को मजबूर हो गए थे। इस हादसे ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

