Health News: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लगातार काम, तनाव और जिम्मेदारियों के कारण मानसिक थकान महसूस होना आम बात है। ऐसे में लोग अक्सर चाय या कॉफी का सहारा लेते हैं। लेकिन अगर आप कैफीन से अलग कोई हर्बल विकल्प तलाश रहे हैं, तो अपराजिता के नीले फूलों से बनने वाली Blue Tea एक विकल्प हो सकती है।
आयुर्वेद में अपराजिता के फूलों को मानसिक शांति और मस्तिष्क से जुड़ी क्षमताओं के लिए उपयोग किए जाने का उल्लेख मिलता है।इसे ‘मेध्य’ यानी दिमाग के लिए उपयोगी माना जाता है।
तनाव और मानसिक थकान में मिल सकती है राहत
दिनभर कंप्यूटर पर काम करने या लगातार मानसिक गतिविधियों के बाद दिमाग थका हुआ महसूस कर सकता है। डॉक्टर के अनुसार, अपराजिता की चाय मन को शांत करने और तनाव कम करने में मदद कर सकती है।
कुछ लोग इसे एंजायटी, बेचैनी और ओवरथिंकिंग के दौरान भी पीते हैं। हालांकि, गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या में केवल किसी हर्बल चाय पर निर्भर रहना सही नहीं है। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है।
शरीर को ठंडक देने में भी इस्तेमाल
आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार अपराजिता की तासीर ठंडी मानी जाती है। इसलिए गर्म मौसम में इसे शरीर को ठंडक देने वाले पेय के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। नींबू मिलाने पर इसका नीला रंग बदलकर बैंगनी हो जाता है, जो इसे देखने में भी खास बनाता है।
कैसे बनाएं अपराजिता की Blue Tea?
इसे तैयार करना काफी आसान है। एक गिलास पानी में 2-3 साफ अपराजिता के फूल डालकर धीमी आंच पर उबालें। जब पानी का रंग गहरा नीला हो जाए, तो इसे छानकर कप में डाल लें।
इसमें आमतौर पर दूध और चीनी नहीं मिलाई जाती। स्वाद के लिए थोड़ी मात्रा में शहद या नींबू का रस इस्तेमाल किया जा सकता है।
रोजाना पीने से पहले रखें ध्यान
अपराजिता की चाय को लेकर किए जाने वाले स्वास्थ्य दावों को समझते समय सावधानी जरूरी है। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहे लोगों या नियमित दवाएं लेने वालों को इसका सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
(Disclaimer- यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. The Mid Post इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

